बीजापुर 25 मार्च । paparao 17 surrender : छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में सबसे बड़ा दिन साबित होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। नक्सली कमांडर पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ कुटरू पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और हथियार भी सौंप दिए।
समर्पण से पहले नक्सल लीडर पापाराव
paparao 17 surrender : समर्पण करने जगदलपुर जाने से पहले नक्सल लीडर पापाराव ने आत्मसमर्पण अपने बयान में कहा कि बड़े नक्सली नेताओं के साथ-साथ देवजी ने भी आत्मसमर्पण किया, जबकि पहले सभी ने मिलकर जनता के हक के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही थी।
परिस्थितियां बदलने के कारण आत्मसमर्पण का रास्ता चुना
paparao 17 surrender : उन्होंने कहा कि परिस्थितियां बदलने के कारण कई साथियों ने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना, जिसका कारण उन्हें पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि वे हमेशा जनता के हित में लड़ने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं और संघर्ष करते रहे हैं।
संगठन की गतिविधियां प्रभावित
paparao 17 surrender : उन्होंने यह भी कहा कि पापा राव जिस क्षेत्र में सक्रिय थे, वहां लगातार सुरक्षा बलों के कैंप खुल रहे थे, जिससे संगठन की गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। इसी स्थिति को देखते हुए काफी सोच-विचार के बाद आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया गया।
देवजी की मंशा चुनाव लड़ने की थी
paparao 17 surrender : उन्होंने आगे बताया कि जहां देवजी की मंशा चुनाव लड़ने की थी, वहीं पापा राव ने चुनावी राजनीति से दूर रहने की बात कही। उनका मानना है कि अब हथियार छोड़कर लोकतांत्रिक तरीके से जनता के लिए काम करना ही सही दिशा।
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