हार के बाद ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा विरोधी ताकतों से एकजुट होने का किया आह्वान

Mamta Banerjee after Loss
Kolkata: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee along with party leader Firhad Hakim addresses a press conference a day after the state Assembly election results in Kolkata on Tuesday, May 05, 2026. (Photo: IANS/Kuntal Chakrabarty)

कोलकाता, 9 मई 2026। Mamta Banerjee after Loss in Elections: पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली प्रचंड बहुमत और टीएमसी की हार के बाद जब राज्य में शनिवार को सरकार का गठन हो गया तो 4 मई के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सामने आईं और उन्होंने पूरे देश में भाजपा को रोकने के लिए सामान्य विचारधारा की पार्टियों को एकजुट होने का आह्वान किया।

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Mamta Banerjee after Loss in Elections: ममता बनर्जी ने सभी भाजपा विरोधी राजनीतिक ताकतों से तृणमूल कांग्रेस के साथ एकजुट होने की अपील की

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी भाजपा विरोधी राजनीतिक ताकतों- चाहे वे वामपंथी हों या दक्षिणपंथी- से तृणमूल कांग्रेस के साथ एकजुट होने की अपील की।

उन्होंने कहा, “राज्य में हर जगह चुनाव के बाद हिंसा की गूंज सुनाई दे रही है। मैं सभी भाजपा विरोधी ताकतों, सभी छात्र और युवा संगठनों, और सभी गैर-सरकारी संगठनों से एकजुट होने का आह्वान करती हूं। हम भाजपा के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाना चाहते हैं।”

ममता बनर्जी ने कहा वामपंथी, धुर-वामपंथी और कोई भी अन्य राष्ट्रीय पार्टी स्वागत योग्य

Mamta Banerjee after Loss in Elections: इस अवसर पर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यहां तक ​​कि उनकी कभी रही कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी सीपीआई(एम) और पश्चिम बंगाल में सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा का भी भाजपा के खिलाफ पश्चिम बंगाल में बनने वाले इस संयुक्त मोर्चे में स्वागत योग्य हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “वामपंथी, धुर-वामपंथी और कोई भी अन्य राष्ट्रीय पार्टी स्वागत योग्य है। आइए हम सब एक साथ आएं, एकजुट हों। कोई भी मुझसे संपर्क करने के लिए स्वागत योग्य है।

Mamta Banerjee after Loss in Elections: अब से मैं हर दिन शाम 4 बजे से 6 बजे तक अपने कार्यालय में रहूंगी। मेरा पहला दुश्मन दुश्मन है।”

ममता बनर्जी के इस आह्वान पर सीधे तौर पर प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो सदस्य और पार्टी के पश्चिम बंगाल राज्य सचिव मो. सलीम ने गुरुदेव की दो पंक्तियां पढ़ीं- जीबोनो जोखोन शुकाये जाई, करुणा धाराई एशो” (जब जीवन सूख लगे तो करुणा की धारा बनकर आओ)।

Mamta Banerjee after Loss in Elections: टैगोर की इस महत्वपूर्ण कविता का महत्व यह है कि ममता बनर्जी को अन्य भाजपा-विरोधी ताकतों की अहमियत का एहसास तब हुआ, जब हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा और खुद ममता बनर्जी को भी भवानीपुर सीट पर नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से शिकस्त मिली। –आईएएनएस डीकेपी/

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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)