खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: संघर्ष, संकल्प और शानदार प्रदर्शन से भरा 28 मार्च का दिन

khelo india tribal games 2026
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रायपुर 28 मार्च । khelo india tribal games 2026 : छत्तीसगढ़ में 25 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन इन दिनों अपने चरम पर है। राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे इस वेटलिफ्टिंग स्पर्धा ऐतिहासिक खेल महाकुंभ में देशभर के आदिवासी प्रतिभाओं का दमखम देखने को मिल रहा है।

संघर्ष, साहस और जीत की कई यादगार दास्तानें

khelo india tribal games 2026 : 28 मार्च का दिन खास तौर पर वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं और खिलाड़ियों की प्रेरणादायक कहानियों के नाम रहा, जहां संघर्ष, साहस और जीत की कई यादगार दास्तानें सामने आईं।

बीमारी से जंग जीतकर अनाई वांगसु ने रचा इतिहास

khelo india tribal games 2026 : अरुणाचल प्रदेश की 21 वर्षीय वेटलिफ्टर अनाई वांगसु की कहानी इस आयोजन की सबसे प्रेरणादायक कहानी बनकर उभरी। खेलों के लिए रवाना होने से कुछ दिन पहले तक अस्पताल के बिस्तर पर रहने वाली अनाई ने न सिर्फ वापसी की, बल्कि महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

अधूरे सपनों को पूरा करने के इरादे से मैदान में उतरीं

khelo india tribal games 2026 : 2019 से गैस्ट्रिक समस्या से जूझ रही अनाई कई बार कमजोरी और डिहाइड्रेशन का सामना कर चुकी हैं। लेकिन इस बार उन्होंने हार नहीं मानी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के अगले ही दिन उन्होंने फिर से अभ्यास शुरू किया और अपने अधूरे सपनों को पूरा करने के इरादे से मैदान में उतरीं।

khelo india tribal games 2026 : स्वर्ण जीतने के बाद उन्होंने कहा कि पहले वे कांस्य और रजत जीत चुकी थीं, लेकिन स्वर्ण की कमी उन्हें हमेशा खलती थी। इस जीत ने न सिर्फ उनका सपना पूरा किया, बल्कि उनके परिवार को भी गर्व से भर दिया।

उनकी प्रेरणा उनके बड़े भाई सिंचाड बांसु हैं, जिन्होंने उन्हें वेटलिफ्टिंग की ओर प्रेरित किया। बॉक्सिंग में रुचि रखने वाली अनाई ने भाई के कहने पर यह खेल अपनाया और आज उसी में देश का नाम रोशन कर रही हैं।

पुरुष 94 किग्रा वर्ग: लालू ताकू का दबदबा

khelo india tribal games 2026 : 28 मार्च को आयोजित पुरुष 94 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में अरुणाचल प्रदेश के लालू ताकू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने कुल 250 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें स्नैच में 110 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 140 किग्रा शामिल रहा।

आंध्र प्रदेश के पी. मणि शंकर 244 किलोग्राम के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि हिमाचल प्रदेश के खेमराज ने 232 किलोग्राम उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा असम, झारखंड और मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने भी कड़ा मुकाबला दिया, लेकिन पदक से चूक गए।

पुरुष 88 किग्रा वर्ग: रुबा ताडु बने चैंपियन

khelo india tribal games 2026 : पुरुष 88 किलोग्राम वर्ग में भी अरुणाचल प्रदेश का दबदबा देखने को मिला। रुबा ताडु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 274 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 117 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 157 किग्रा वजन उठाया।

आंध्र प्रदेश के देवरकोंडा प्रेम सागर 270 किग्रा के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि अरुणाचल के ही सोरम हिटलर टाग्रू ने 262 किग्रा के साथ कांस्य पदक हासिल किया। प्रतियोगिता में अन्य राज्यों के खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन कर अनुभव हासिल किया।

बाबूलाल हेम्ब्रम: आर्थिक तंगी से उठकर बने स्टार

khelo india tribal games 2026 : झारखंड के युवा वेटलिफ्टर बाबूलाल हेम्ब्रम की कहानी भी इस आयोजन में चर्चा का केंद्र रही। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने वेटलिफ्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई है।

रामगढ़ जिले के छोटे से गांव से आने वाले बाबूलाल ने शुरुआती दिनों में बांस और लोहे की रॉड से अभ्यास किया। रोज 60 किलोमीटर की दूरी तय कर प्रशिक्षण लेना उनके जुनून को दर्शाता है।

उनकी मां स्कूल में रसोइया हैं और पिता छोटे काम करते हैं, लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद बाबूलाल ने हार नहीं मानी। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में उन्होंने पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

khelo india tribal games 2026 : अब वे राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रहे हैं और उनका लक्ष्य कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में देश का नाम रोशन करना है।

खेलों ने दिखाया आदिवासी प्रतिभाओं का दम

khelo india tribal games 2026 : 28 मार्च के मुकाबलों ने यह साबित कर दिया कि देश के दूर-दराज आदिवासी इलाकों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सही मंच और मार्गदर्शन मिलने पर ये खिलाड़ी न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 न केवल खेल प्रतियोगिता है, बल्कि यह उन कहानियों का मंच भी है जहां संघर्ष, सपने और सफलता एक साथ दिखाई देते हैं। आने वाले दिनों में और भी रोमांचक मुकाबलों की उम्मीद की जा रही है, जो इस आयोजन को और यादगार बनाएंगे।

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