संपादकीय ;15 मार्च। Importance true wealth human life : मानव जीवन का वास्तविक मूल्य बाहरी वैभव, धन-संपत्ति या शक्ति से नहीं, बल्कि उसके भीतर विद्यमान गुणों से तय होता है। इतिहास इस सत्य का साक्षी है कि संसार में अनेक शक्तिशाली शासक और आक्रान्ता हुए जिन्होंने अपनी ताकत के बल पर देशों को रौंदा, लोगों पर अत्याचार किए और भय का वातावरण बनाया। भारत की भूमि भी ऐसे आक्रमणों से अछूती नहीं रही।
इतिहास के पन्नों में आक्रांताओं के क्रूरतापूर्ण कार्य
Importance true wealth human life : इतिहास के पन्नों में जब हम मोहम्मद गजनवी, मोहम्मद गोरी, नादिरशाह और तैमूरलंग जैसे आक्रांताओं के क्रूरतापूर्ण कार्यों को पढ़ते हैं, तो मन सिहर उठता है। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि कभी-कभी ऐसे क्रूर व्यक्तियों के जीवन से भी ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं, जो हमें जीवन के गहरे सत्य की सीख दे जाती हैं।
तैमूरलंग के जीवन का एक प्रसंग
Importance true wealth human life : तैमूरलंग के जीवन का एक प्रसंग इस सत्य को उजागर करता है। एक बार उसने दो मजबूत गुलामों को खरीदा और अपने दरबार में कवि अहमदी से उनकी कीमत पूछी। कवि ने मुस्कराकर कहा कि इनकी कीमत पाँच टके होगी। तैमूरलंग को यह सुनकर बहुत क्रोध आया, क्योंकि उसने उन्हें चार हजार अशर्फियों में खरीदा था। जब उसने अपनी कीमत पूछी तो कवि ने उसे दो टके बताया।
व्यक्ति अपनी बुराइयों का सामना नहीं कर सकता
Importance true wealth human life : यह सुनकर वह क्रोधित हो उठा, पर कवि ने शांत स्वर में कहा कि जो व्यक्ति अपनी बुराइयों का सामना नहीं कर सकता, वह दूसरों से भी कम मूल्य का होता है। यह बात सुनकर तैमूरलंग मौन हो गया। यह छोटी सी घटना हमें यह समझाती है कि मनुष्य का असली मूल्य उसके गुणों और उसके चरित्र से होता है, न कि बाहरी शक्ति से।
संसार में गुणों का महत्व सर्वोपरि
Importance true wealth human life : संसार में गुणों का महत्व सर्वोपरि है। जिस वृक्ष पर फल, फूल और पत्ते नहीं होते, उसका कोई विशेष महत्व नहीं होता। उसी प्रकार बाँझ गाय भी किसी के लिए उपयोगी नहीं मानी जाती। ठीक इसी तरह यदि मनुष्य के जीवन में गुणों का अभाव हो जाए तो उसका जीवन भी निरर्थक हो जाता है। मनुष्य की आत्मा को मूल्यवान बनाने के लिए सम्यक ज्ञान, सम्यक दर्शन और सम्यक चरित्र का होना आवश्यक है। यह तीनों तत्व जीवन को ऊँचा उठाते हैं और आत्मा को श्रेष्ठ बनाते हैं।
जीवन की सफलता के लिए आत्मानुशासन
Importance true wealth human life : मनुष्य के जीवन की तुलना उस पक्षी से की जा सकती है जिसके पास उड़ने के लिए पंख होते हैं। यदि पक्षी के पंख ही न हों तो वह आकाश में उड़ान नहीं भर सकता। इसी प्रकार जीवन में यदि सही विचार और सही आचरण के पंख न हों तो मनुष्य भी आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक नहीं पहुँच सकता। जीवन की सफलता के लिए आत्मानुशासन और सद्गुणों का विकास अत्यंत आवश्यक है।
जीवन भी बिना पानी के कुएँ के समान
Importance true wealth human life : जीवन में गुणों का महत्व समझाने के लिए एक और उदाहरण दिया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति कुआँ खोदता जाए लेकिन उसमें पानी ही न निकले तो उसका सारा परिश्रम व्यर्थ हो जाता है। उसी प्रकार यदि कोई मनुष्य जन्म से लेकर मृत्यु तक लंबा जीवन जी ले, लेकिन उस जीवन में धर्म, सदाचार और आत्मचिंतन न हो, तो उसका जीवन भी बिना पानी के कुएँ के समान ही होता है। पानी के कारण ही कुएँ का अस्तित्व सार्थक होता है, उसी तरह गुणों के कारण ही मनुष्य का जीवन सार्थक बनता है।
आज का समय एक ऐसी विडंबना प्रस्तुत करता है जहाँ भौतिक प्रगति तो बहुत हो रही है, लेकिन मानवीय गुणों में कमी दिखाई दे रही है। मनुष्य तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ता जा रहा है, परंतु उसके भीतर की मानवता कहीं कमजोर पड़ती जा रही है।
मानवता कमजोर पड़ती है तो दानवता सिर उठाने लगती
Importance true wealth human life : यही कारण है कि आज समाज में स्वार्थ, छल-कपट, हिंसा और ईर्ष्या जैसी प्रवृत्तियाँ बढ़ती दिखाई देती हैं। जब मानवता कमजोर पड़ती है तो दानवता सिर उठाने लगती है। इसलिए आज के समय में यह और भी आवश्यक हो गया है कि मनुष्य अपने भीतर झाँककर अपने गुणों को विकसित करे।
Importance true wealth human life : मानवीय गुण धीरे-धीरे विकसित
मानवीय गुण धीरे-धीरे विकसित होते हैं। जैसे एक-एक ईंट जोड़कर मंदिर का निर्माण होता है, वैसे ही एक-एक सद्गुण को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को महान बना सकता है। सत्य, करुणा, दया, सहिष्णुता, संयम और विनम्रता जैसे गुण मनुष्य को ऊँचा उठाते हैं। इन गुणों को अपनाने से जीवन में स्थायी सुख और शांति प्राप्त होती है।
Importance true wealth human life : गुणों की प्राप्ति के लिए स्वाध्याय
गुणों की प्राप्ति के लिए स्वाध्याय का बहुत महत्व है। अच्छे ग्रंथों का अध्ययन और महापुरुषों की वाणी का श्रवण मनुष्य के विचारों को पवित्र बनाता है। महान चिंतकों ने भी पुस्तकों के महत्व को स्वीकार किया है। एक बार प्रसिद्ध विचारक इमर्सन से किसी ने पूछा कि यदि उन्हें स्वर्ग जाने का अवसर मिले तो वे क्या तैयारी करेंगे।
उन्होंने उत्तर दिया कि वे अपनी सारी पुस्तकें साथ ले जाएंगे ताकि वहाँ भी उनका समय ज्ञान अर्जित करने में लगे। यह कथन बताता है कि ज्ञान और स्वाध्याय मनुष्य के जीवन को ऊँचा उठाने का सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं।
Importance true wealth human life : मानव जीवन का एक और महत्वपूर्ण पक्ष
मानव जीवन का एक और महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि मनुष्य को अपने समय का सदुपयोग करना चाहिए। समय किसी का इंतजार नहीं करता। जो व्यक्ति समय रहते अपने जीवन को सुधार लेता है वही महान बनता है। इसलिए मनुष्य को अपना समय परनिंदा, आलस्य और व्यर्थ की बातों में नष्ट नहीं करना चाहिए। संत तुलसीदास ने भी कहा है कि परनिंदा के समान बड़ा पाप कोई नहीं है। सच्चा मनुष्य वही है जो अपने समय को ज्ञान, साधना और सद्गुणों के विकास में लगाता है।
Importance true wealth human life : धन, वैभव और ऐश्वर्य क्षणभंगुर
मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुखों की प्राप्ति नहीं है। धन, वैभव और ऐश्वर्य क्षणभंगुर होते हैं। इनसे स्थायी सुख प्राप्त नहीं होता। वास्तविक सुख आत्मिक शांति में होता है। जब मनुष्य अपने भीतर झाँककर अपने आत्मस्वरूप को पहचानता है तब उसे सच्चा आनंद मिलता है। यही आत्मिक सुख जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
मन शुद्ध और शांत तो जीवन भी सुखी और शांत रहेगा
Importance true wealth human life : मनुष्य को यह भी समझना चाहिए कि उसका मन ही उसके जीवन का सबसे बड़ा साधन है। यदि मन शुद्ध और शांत रहेगा तो जीवन भी सुखी और शांत रहेगा। लेकिन यदि मन में बुरे विचार और नकारात्मक भाव भर जाएँ तो जीवन अशांत हो जाता है। इसलिए मन की शुद्धि अत्यंत आवश्यक है। मन को शुद्ध रखने के लिए आत्मानुशासन जरूरी है। प्राचीन ऋषियों और मुनियों ने मन और आत्मा की शुद्धि के लिए अनेक मार्ग बताए हैं। उन्होंने कहा है कि मनुष्य को अशुभ भावों को त्यागकर शुभ भावों को अपनाना चाहिए।
क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे दोष मन को अशांत बनाते हैं
Importance true wealth human life : क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे दोष मन को अशांत बनाते हैं, जबकि दया, क्षमा और प्रेम जैसे गुण मन को पवित्र बनाते हैं। मन की शुद्धि को समझाने के लिए एक रोचक उदाहरण दिया जाता है। एक व्यक्ति नदी में स्नान करने के बाद माला जप रहा था। उसके सामने एक फकीर भी माला फेर रहा था, लेकिन वह माला को उलटी दिशा में फेर रहा था।
जीवन की अच्छाइयों को अपने भीतर उतारना चाहिए
Importance true wealth human life : जब उस व्यक्ति ने इसका कारण पूछा तो फकीर ने कहा कि जब वह दुनिया की अच्छाइयों को अपने भीतर ग्रहण करता है तो माला को अंदर की ओर फेरता है और जब वह अपने मन की बुराइयों को बाहर निकालना चाहता है तो माला को बाहर की ओर फेरता है। इस उदाहरण का अर्थ यह है कि मनुष्य को जीवन की अच्छाइयों को अपने भीतर उतारना चाहिए और बुराइयों को बाहर निकाल देना चाहिए।

मन की पावनता और गुणों की महत्ता का वास्तविक संदेश
Importance true wealth human life : अंततः यही कहा जा सकता है कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक बनता है जब वह अपने भीतर के गुणों को विकसित करता है। बाहरी उपलब्धियाँ क्षणिक होती हैं, परंतु अच्छे गुण मनुष्य को सदा महान बनाते हैं। यदि मनुष्य अपने जीवन में अच्छाइयों को अपनाए और बुराइयों को त्याग दे, तो उसका जीवन वास्तव में पवित्र और सफल बन सकता है। यही मन की पावनता और गुणों की महत्ता का वास्तविक संदेश है।
कांतिलाल मांडोत
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(ये लेखिका के अपने विचार हैं)
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