नीट पेपर लीक पर विपक्ष का प्रदर्शन, चिराग पासवान बोले- चर्चा छोड़ हंगामा कर रहा विपक्ष

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर और पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन तेज, राहुल गांधी ने संभाली कांग्रेस के विरोध की कमान

Chirag Paswan against opposition and Neet Issue
Chirag Paswan against opposition and Neet Issue

दिल्ली, 21 जुलाई 2026। Chirag Paswan against opposition and Neet Issue: नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है।

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Chirag Paswan against opposition : विपक्ष चर्चा का अवसर आता है तो वह उससे दूरी बना लेता है

जंतर-मंतर पर विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन के बीच मंगलवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी कर रहे हैं।

इस दौरान कई विपक्षी दलों के नेताओं ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। वहीं, विपक्ष के प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष अक्सर सरकार पर संवाद नहीं करने का आरोप लगाता है, लेकिन जब चर्चा का अवसर आता है तो वह उससे दूरी बना लेता है।

लगता है कि विपक्ष से कुछ कहना “भैंस के आगे बीन बजाने” जैसा है

Chirag Paswan against opposition and Neet Issue: चिराग पासवान ने कहा कि उन्हें लगता है कि विपक्ष से कुछ कहना “भैंस के आगे बीन बजाने” जैसा है, क्योंकि वह सुनना ही नहीं चाहता।

उन्होंने बताया कि एनडीए सांसदों के साथ हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि देश के युवाओं, छात्रों और भारत के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

चिराग पासवान ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह हर संसदीय सत्र में नया मुद्दा उठाता है, लेकिन किसी भी मुद्दे को तार्किक निष्कर्ष तक नहीं पहुंचाता।

Chirag Paswan against opposition and Neet Issue: उनके अनुसार, इससे यह संदेश जाता है कि विपक्ष का उद्देश्य समाधान नहीं बल्कि केवल हंगामा करना है।

चिराग पासवान ने विपक्ष से रचनात्मक सुझाव देने की भी अपील की

Chirag Paswan against opposition and Neet Issue: चिराग पासवान ने विपक्ष से रचनात्मक सुझाव देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष किसानों, छात्रों और युवाओं के हित में कोई तथ्यपरक और व्यावहारिक सुझाव देता है तो सरकार उसे स्वीकार करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा तथ्यों और संवाद के आधार पर होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष संसद के बजाय सड़कों पर विरोध और अफरा-तफरी का रास्ता चुन रहा है, जिससे लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।

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