नई दिल्ली
गौरतलब है कि कोरोना काल अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इसलिए अधिक से अधिक संख्या में भक्तों के साथ जन्माष्टमी उत्सव को मनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। अभिषेक और आरती के लिए अपना रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं। दिन भर 24 घंटे यहां का प्रांगण कीर्तन से गुंजायमान रहेगा, जिसका लाइव प्रसारण इस्कॉन द्वारका यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा। आध्यात्मिक संगीत को वैश्विक मंच पर ले जाने वाली 58वें ग्रेमी अवॉर्ड के लिए नामांकित गौर मणि देवी माता जी का कीर्तन श्रोताओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। कीर्तन में एक ऐसी प्रार्थना एवं शक्ति है जो हमें सीधे भगवान से जोड़ने के लिए पुल का काम करती है।
रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों, लताओं, मणि-मालाओं से सजे मंदिर में भगवान का दिव्य अमृतमय 108 दिव्य द्रव्यों से अभिषेक कर उनकी 'महाआरती' की जाएगी। इस बार उन्हें विशेष भोग भी लगाया जाएगा। इस दिन कान्हा जी की पोशाक का आकर्षण भी भक्तों को लुभाएगा, क्योंकि यह खासतौर से दिल्ली के जाने-माने फैशन डिजाइनर से तैयार कराई गई है। जी हां, मनमोहक गिरधर गोपाल इस बार डिजाइनर रूप में नजर आएंगे।
अंतरार्ष्ट्रीय स्तर पर इस्कॉन के संस्थापक श्री श्रीमद् ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के 125वें जन्मदिवस के अवसर पर 56 भोग की तर्ज पर इस बार एक लाख 25 हजार भोग लगाए जाएंगे जिन्हें पंचतारा होटल के उच्चस्तरीय शेफ भक्तों की देखरेख में तैयार किया जाएगा। भारी संख्या में भक्तों तक भगवान का आशीवार्द पहुँचाने के लिए एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी की भी सहायता ली गई है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से यहाँ की हर एक गतिविधि के साथ कृष्णानुरागियों को जोड़ने में सफल रहेगी।














