पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ शिबू सोरेन के कटआउट के साथ मुंह पर पट्टियां बांध छात्रों ने निकाला मौन जुलूस

Ranchi Lathi Charge ke Khilaf Maun Juloos
Ranchi Lathi Charge ke Khilaf Maun Juloos

रांची, 11 अगस्त 2026: Ranchi Lathi Charge ke Khilaf Maun Juloos: जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और सोमवार को झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में छात्रों का आंदोलन मंगलवार की शाम को एक अलग रूप में नजर आया।

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करीब दो किलोमीटर के इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए

Ranchi Lathi Charge ke Khilaf Maun Juloos: आंदोलनरत छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मौन जुलूस निकाला। करीब दो किलोमीटर के इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।

कई छात्रों ने अपने मुंह पर पट्टी बांध रखी थी, जबकि कुछ ने मुंह पर अंगुली रखकर मौन विरोध का संदेश दिया। जुलूस के दौरान छात्रों ने शिबू सोरेन के कटआउट और नारों लिखी तख्तियां भी ले रखी थीं। कई छात्रों ने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाकर भी अपना विरोध दर्ज कराया।

Ranchi Lathi Charge ke Khilaf Maun Juloos: जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र पांच जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं।

Ranchi Lathi Charge ke Khilaf Maun Juloos: पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया

आंदोलनकारी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो पिछले 10 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल पर हैं।

सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान भी उन्होंने भूख हड़ताल जारी रखने की बात कही है।

सोमवार को विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों ने कई स्तर की बैरिकेडिंग पार कर विधानसभा के करीब पहुंचने की कोशिश की थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। बाद में लाठीचार्ज भी किया गया।

Ranchi Lathi Charge ke Khilaf Maun Juloos: इस दौरान कई छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया। छात्रों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं और आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।