कोई टोंटी चोरी कर रहा, कोई पानी बहा रहा, ऐसे लोगों को टोकें: सीएम योगी

0
3
cm yogi koi tonti chori
cm yogi koi tonti chori

लखनऊ, 5 जून (आईएएनएस)। cm yogi koi tonti chori :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से प्रकृति व जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाले भूमाफिया, वन माफिया, खनन माफिया व स्मगलरों के प्रति सजग रहने की अपील की है।

Table of Contents

सजग नागरिकों का दायित्व

cm yogi koi tonti chori : उन्होंने कहा कि सजग नागरिकों का दायित्व है कि मातृभूमि के प्रति दायित्वों का निर्वहन करें। सीएम योगी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशवासियों को पांच संकल्प भी दिलाए। इसमें एक पेड़ मां के नाम लगाना, शरारती तत्वों व जीव-जंतुओं से पेड़ों की सुरक्षा, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करना और प्रकृति के अनुरूप जीवन शैली अपनाना शामिल है।

जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं

cm yogi koi tonti chori :   उन्होंने कटाक्ष किया कि कोई टोंटी चोरी कर रहा है, कोई पानी बर्बाद कर रहा है, ऐसे लोगों को टोकें। जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं, कोशिश हो कि पानी व्यर्थ न हो। उन्होंने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ संगोष्ठी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शनी का अवलोकन किया, बच्चों को चॉकलेट दीं और आमजन को कपड़े के झोले देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

वन है तो जीवन है, यानी जीवन चक्र एक-दूसरे के साथ जुड़ा

cm yogi koi tonti chori :  उन्होंने बच्चों के साथ सेल्फी ली और वृक्ष कलश में जल भी अर्पित किया। मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि जल है तो कल है, वन है तो जीवन है, यानी जीवन चक्र एक-दूसरे के साथ जुड़ा है। फिर भी हमने इसकी सर्वाधिक उपेक्षा की। 40 से ऊपर हर व्यक्ति महसूस करता है कि पर्यावरण के साथ हुए खिलवाड़ की कीमत को दुनिया किस रूप में चुका रही है।

मौसम चक्र में अंतर से सर्वाधिक प्रभावित किसान

cm yogi koi tonti chori :  25 वर्ष पहले और वर्तमान मौसम चक्र में एक से डेढ़ महीने का अंतर आ गया। भारत व उत्तर प्रदेश में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है। मौसम चक्र में अंतर से सर्वाधिक प्रभावित किसान होगा। उसकी आमदनी प्रभावित होगी, अतिवृष्टि-अनावृष्टि का सामना करना पड़ेगा। खाद्यान्न संकट खड़ा हो सकता है।

असमय घटित होने वाली आपदाएं

cm yogi koi tonti chori :  असमय घटित होने वाली आपदाएं चेतावनी भी हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों व ऋषि परंपरा ने पर्यावरण के प्रति आगाह किया था। हम खुद को धरती मां का पुत्र कहते हैं। लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम ने लक्ष्मण जी से कहा “अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”।

मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर

cm yogi koi tonti chori :   अर्थात लंका भले ही सोने की क्यों न हो, लेकिन मुझे यह अच्छी नहीं लगती। जिस मां ने जन्म दिया है, जहां हमने जन्म लिया है, उसके प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन और कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारा दायित्व होना चाहिए। मां व मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है।

पर्यावरण के चुनौतियों का सामना करने ग्रंथों का अवलोकन करें

cm yogi koi tonti chori :  भगवान राम की कही गई बातें आज भी हर भारतीय के लिए प्रासंगिक हैं। सीएम योगी ने कहा कि भौतिक उपलब्धियां क्षणिक हैं। इनकी उपलब्धि तभी तक हैं, जब तक आप निरोग होकर आरोग्यता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं। पर्यावरण के समक्ष चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत के ग्रंथों का अवलोकन करें। भारत की परंपरा में हर जीव-जंतु के प्रति हमारे संबंध जोड़े गए हैं।

कृषि प्रधान व्यवस्था का आधार

cm yogi koi tonti chori :  भगवान शंकर के गले में सर्प और सवारी नंदी है। कार्तिकेय की सवारी मोर, गणपति की मूषक और मां भगवती की सवारी शेर है। हर कालखंड में बैल की पूजा और गोमाता को मान्यता दी गई है। वे कृषि प्रधान व्यवस्था का आधार हैं। सर्प को किसान मित्र के रूप में मान्यता दी गई है।

प्रकृति की गोद में जो भी आगे बढ़ेगा, आरोग्यता

cm yogi koi tonti chori :  यह जीवन चक्र आपस में जुड़ा है। उन्होंने कुकरैल वन क्षेत्र के शानदार प्राकृतिक वातावरण का जिक्र करते हुए कहा कि वहां और लखनऊ के तापमान में अंतर होता है। लखनऊ में 45 तो कुकरैल में तापमान 40 या उससे कम होगा। प्रकृति की गोद में जो भी आगे बढ़ेगा, वह आरोग्यता के लिए महत्वपूर्ण होगा।

हरित वन मानव सभ्यता की जीवन रेखा

cm yogi koi tonti chori :  हमने कुकरैल से अवैध कब्जे हटाए। आज कुकरैल के किनारे लखनऊ का सबसे शानदार प्राकृतिक दृश्य ‘सौमित्र वन’ भी दिख रहा है। सीएम ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम ‘इंस्पायर्ड बाई नेचर फॉर क्लाइमेट फॉर अवर फ्यूचर’ का जिक्र किया और कहा कि स्वच्छ वायु, निर्मल जल, उपजाऊ भूमि व हरित वन मानव सभ्यता की जीवन रेखा हैं। जब प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानवता सुरक्षित रह पाएगी।

दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष यानी वृक्ष का महत्व सर्वाधिक

cm yogi koi tonti chori :  जल जीवन मिशन के तहत हर घर में जल व सबमर्सिबल की व्यवस्था हो गई है, लेकिन पहले कुआं खोदना पवित्र कार्य माना जाता था। दस कुओं के बराबर एक बावड़ी, दस बावड़ी के बराबर एक तालाब, दस तालाब के बराबर एक पुत्र और दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है, यानी वृक्ष का महत्व सर्वाधिक है।

‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ का संदेश

cm yogi koi tonti chori :  उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तीन वर्ष पहले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का आह्वान किया था। उन्हीं की प्रेरणा से 9 वर्ष में प्रदेश में पौधरोपण के वृहद कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। संकटों का सामना करने के लिए पीएम ने वसुधैव कुटुम्बकम के अनुरूप ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ का संदेश भी दुनिया को दिया है।

सरकारी व निजी नर्सरी में 55 करोड़ पौधे तैयार

cm yogi koi tonti chori :  उनके आह्वान पर हम सब भारतवासी पौधरोपण महाभियान के तहत जननी व जन्मभूमि के प्रति पर्यावरण की चुनौतियों का सामना करते हुए प्रकृति के साथ खड़े हैं। सीएम ने कहा कि मार्च 2017 में पौधरोपण के लिए वन विभाग की नर्सरी में बमुश्किल 5 लाख पौधे मिल पाए थे, लेकिन आज सरकारी व निजी नर्सरी में 55 करोड़ पौधे तैयार हैं। आज प्रदेश भर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पांच करोड़ पौधे लग रहे हैं।

जुलाई में महाअभियान: एक दिन में लगाए जाएंगे 35 करोड़ पौधे

cm yogi koi tonti chori :  अब जुलाई में महाभियान चलाएंगे और एक दिन में नागरिकों के साथ मिलकर 35 करोड़ पौधे लगाएंगे। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग, वायु प्रदूषण, बायो डायवर्सिटी के क्षरण व जल संकट को चैलेंज बताया। उन्होंने कहा कि इसके कारण पर्यावरण में ग्रीन हाउस गैस तथा ऐसे पार्टिकल आ रहे हैं तो लंग्स को प्रभावित कर रहे हैं। वातावरण में ऐसी चीजें घुल रही हैं, जो पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हैं।

रामसर साइटों में उल्लेखनीय वृद्धि 1 से बढ़कर 13

cm yogi koi tonti chori :  इससे वर्षा का चक्र ही बदल गया है। कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी जल संसाधन की दृष्टि से समृद्धतम राज्यों में से एक है। हमारे पास अनेक साइट्स हैं, उन्हें चिह्नित करना होगा। अवैध कब्जों से मुक्त कराना होगा। 9 वर्ष पहले प्रदेश में केवल एक रामसर साइट थी, आज 13 हो गई हैं।

चिलुआताल को संरक्षित कराया गया

cm yogi koi tonti chori :  इमरजेंसी के खिलाफ शंखनाद करने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जयप्रकाश की पावन जन्मभूमि बलिया के अंदर सुरहा ताल का 13वें रामसर साइट्स के रूप में चयन हुआ है। 2021 में पीएम मोदी ने गोरखपुर में फर्टिलाइजर प्लांट का शुभारंभ किया। मैंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि कारखाने से सटा चिलुआताल है, यदि इसका संरक्षण करेंगे तो अच्छा जल मिल सकता है। पूरे चिलुआताल को संरक्षित कराया गया।

तालों के संरक्षण पर जोर

cm yogi koi tonti chori :  वर्तमान में फर्टिलाइजर कारखाना, टाउनशिप, कैंपस के सैनिक स्कूल, एसएसबी मुख्यालय में उसी ताल से जलापूर्ति हो रही है। तीन दिन पहले मैं शाम पांच बजे ताल पर गया था। उस दिन गोरखपुर का तापमान 45 डिग्री था, लेकिन वहां का तापमान 35 डिग्री से कम लग रहा था। उन्होंने तालों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि हमने गोरखपुर में 1400 एकड़ में फैले रामगढ़ताल व 400-500 एकड़ में फैले चिलुआताल को संरक्षित किया है।

केन नाला बना बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट

cm yogi koi tonti chori :  ये नेचुरल वाटर बॉडी हैं। सीएम ने उन ग्राम प्रधानों की भी सराहना की, जिन्होंने ग्राम पंचायत में वेटलैंड या रामसर साइट्स के रूप में इसे आगे बढ़ाने में योगदान दिया है या उनके चिह्नीकरण व नोटिफिकेशन से जुड़े हैं। सीएम ने श्रावस्ती की ऐतिहासिक व पौराणिकता पर बल दिया और बताया कि पहले इसकी उपेक्षा होती थी, लेकिन आज वहां केन नाला को बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट के रूप में अधिसूचित किया गया है।

सीएम ने अमृत सरोवर की महत्ता पर भी प्रकाश डाला

cm yogi koi tonti chori :  सीएम ने कहा कि ग्राम प्रधानों, नगर निकायों के चेयरमैन व महापौर का दायित्व है कि तालाब, पोखरे, कुएं, बाव़ड़ी को संरक्षित-पुनर्जीवित करें। इन्हें ग्राम पंचायत-नगर निकाय का हिस्सा बनाएं। ये जल संरक्षण का आधार बनेंगे। सीएम ने अमृत सरोवर की महत्ता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि नदी के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण न हो।

9 वर्ष में 242 करोड़ पौधे लगाए गए

cm yogi koi tonti chori :  उन्होंने आगे कहा कि यूपी में सर्वाधिक एक्सप्रेसवे, सर्वाधिक मार्ग फोरलेन-सिक्सलेन बने, सर्वाधिक इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी में स्थापित हुआ, इसके बावजूद भी यूपी ने फॉरेस्ट कवर बढ़ाने में सफलता हासिल की है। यहां 9 वर्ष में 242 करोड़ पौधे लगाए गए।

वन एवं पर्यावरण क्षेत्र की शीर्ष हस्तियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ समारोह

cm yogi koi tonti chori :  समारोह में वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, वन राज्यमंत्री केपी मलिक, प्रमुख सचिव (वन) वी हेकाली झिमोमी, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष आरपी सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी आदि की मौजूदगी रही। –आईएएनएस डीकेपी/


Read Moreमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जारी की महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त


#छत्तीसगढ, #मध्यप्रदेश #महाराष्ट्र, #उत्तर प्रदेश, #बिहार 

(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)