रविवार को कालाष्टमी के साथ मासिक कृष्ण अष्टमी, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

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नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। ravivar kalashtmi :  हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को काला अष्टमी व मासिक कृष्ण अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रविवार को पड़ रही है। यह तिथि काल भैरव के साथ ही भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है।

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कालभैरव व श्री कृष्ण के अष्टमी तिथि पर पूजा 

ravivar kalashtmi :  कालभैरव व श्री कृष्ण के भक्त वर्ष की सभी अष्टमी तिथि पर भगवान की पूजा और आराधना करते हैं। ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रविवार को पड़ रही है। अष्टमी तिथि दोपहर 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन अष्टमी का ही मान होगा।

धनिष्ठा नक्षत्र देर रात 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा

ravivar kalashtmi :  नक्षत्र की बात करें तो धनिष्ठा नक्षत्र देर रात 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद शतभिषा नक्षत्र लगेगा। रविवार को सूर्योदय 5 बजकर 34 मिनट पर होगा जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 2 मिनट पर होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार योग ब्रह्म 10 मई को पूरे दिन के साथ 11 मई की देर रात 2 बजकर 9 मिनट तक रहेगा।

शुभ समय में नए काम शुरू कर सकते हैं

ravivar kalashtmi :  करण कौलव दोपहर 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगा, इसके बाद तैतिल करण लगेगा। राहुकाल, यमगंड और दुर्मुहूर्त जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्य टालने की सलाह दी जाती है। वहीं, शुभ समय का लाभ उठाकर नए काम शुरू कर सकते हैं। रविवार के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 9 मिनट से 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।

 प्रातः संध्या सुबह 4 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 34 मिनट तक

ravivar kalashtmi : प्रातः संध्या सुबह 4 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना गया है। वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा।

गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजे से 7 बजकर 22 मिनट तक

ravivar kalashtmi :  गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजे से 7 बजकर 22 मिनट तक होगा। सायाह्न संध्या शाम 7 बजकर 2 मिनट से 8 बजकर 5 मिनट तक रहेगी। अमृत काल दोपहर 1 बजकर 49 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कामों के लिए उत्तम है। साथ ही निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से अगले दिन दोपहर 12 बजकर 38 मिनट (11 मई) तक होगा। अशुभ समय का विचार भी महत्वपूर्ण है।

राहुकाल शाम 5 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 2 मिनट तक

ravivar kalashtmi :  राहुकाल शाम 5 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ या नया काम शुरू करना वर्जित माना जाता है। यमगंड दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 40 मिनट से 5 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।

पंचक दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से 11 मई की सुबह 5 बजकर 33 मिनट तक

ravivar kalashtmi :  दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 14 मिनट से 6 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। वहीं, आडल योग सुबह 5 बजकर 34 मिनट से 11 मई की दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। विडाल योग भी अगले दिन दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। पंचक दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से 11 मई की सुबह 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। –आईएएनएस एमटी/एएस


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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)