रायपुर। pharji digri : राजधानी में पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मामले में फर्जी मेडिकल डिग्री तैयार करने वाले मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
2 करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी
pharji digri : प्रार्थी संजय निराला ने थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर, राकेश रात्रे सहित अन्य लोगों ने उन्हें और उनके रिश्तेदारों को पोस्ट ऑफिस के विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने तथा फर्जी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने का झांसा देकर कुल 2 करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी की। आरोपियों ने किसी को नौकरी नहीं लगाई और पैसे हड़प लिए।
थाना सिविल लाइन में अपराध दर्ज
pharji digri : इस पर थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 96/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने पहले ही भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर, राकेश रात्रे, साक्षी सिंह और अंकित तिवारी को गिरफ्तार कर लिया था।
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी साक्षी सिंह से पूछताछ
pharji digri : जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी साक्षी सिंह से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में साक्षी सिंह के दिल्ली में छिपे होने की सूचना पर पुलिस टीम भेजी गई, जहां उसे पकड़कर पूछताछ की गई।
फर्जी एमबीबीएस की डिग्री तैयार करना स्वीकार किया
pharji digri : पूछताछ में साक्षी सिंह ने सुनील प्रताप के साथ मिलकर डी.वाई. पाटिल विद्यापीठ, पुणे के नाम पर फर्जी एमबीबीएस एवं बीएएमएस की डिग्री तैयार करना स्वीकार किया। इसके बाद मुख्य आरोपी सुनील प्रताप को गिरफ्तार किया गया।
सुनील प्रताप को पूरे मामले का मास्टरमाइंड
pharji digri : पुलिस जांच में सुनील प्रताप को पूरे मामले का मास्टरमाइंड पाया गया है। उसे 7 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। आरोपी से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि अब तक विभिन्न राज्यों के करीब 30 लोगों के लिए फर्जी एमबीबीएस डिग्री तैयार की गई थी।
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