रायपुर 2 अप्रैल । jaggi murder case : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने 4 जून 2003 को रायपुर में हुए इस चर्चित हत्याकांड के मामले में अमित जोगी को सरेंडर करने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिविजन बेंच ने सुनवाई के दौरान यह निर्देश देते हुए उन्हें तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा।
हाईकोर्ट के फैसले से रामावतार जग्गी परिवार को न्याय
jaggi murder case : हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद रामावतार जग्गी के परिवार ने इसे न्याय की दिशा में बड़ी जीत बताया है। रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अदालत के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार सत्य की जीत हुई है और हनुमान जयंती के दिन उन्हें न्याय का आशीर्वाद मिला है।
सतीश जग्गी बोले- आखिरकार सत्य की जीत हुई
jaggi murder case : हाईकोर्ट के आदेश के बाद मीडिया से बातचीत में सतीश जग्गी ने भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कानूनी आदेश नहीं, बल्कि उनके परिवार के लिए लंबे संघर्ष के बाद मिली बड़ी राहत है। सतीश जग्गी ने कहा कि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी और उन्हें हमेशा भरोसा था कि सच एक दिन जरूर सामने आएगा। उन्होंने इस फैसले को “सत्य की जीत” बताया और कहा कि हनुमान जयंती के दिन आया यह आदेश उनके लिए विशेष महत्व रखता है।
हनुमान जयंती पर मिली न्याय की बड़ी सफलता
jaggi murder case : सतीश जग्गी ने कहा कि हनुमान जन्मोत्सव के दिन आया यह फैसला उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद खास है। उन्होंने कहा कि आज के दिन उन्हें न्याय मिला है और इसे वह भगवान हनुमान की विशेष कृपा मानते हैं।
तीन सप्ताह के भीतर करना होगा सरेंडर
jaggi murder case : बिलासपुर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद अब सबकी नजरें आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिक गई हैं। यह देखना अहम होगा कि तय समयसीमा के भीतर आदेश का पालन किस तरह किया जाता है और इसके बाद मामले की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।
Read More : अनुराग कपिल ने एनएमडीसी में निदेशक (वित्त) के रूप में पदभार ग्रहण किया















