नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। hanuman janmotsav : हनुमान जन्मोत्सव गुरुवार को है। इस अवसर पर श्रीराम भक्त की पूजा का विशेष महत्व है। बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार, हनुमान जी को 8 विशेष प्रसाद अत्यंत प्रिय हैं।
हनुमान जी करने के लिए ये प्रसाद चढ़ाए जाते हैं
hanuman janmotsav : इन प्रसादों को चढ़ाने से हनुमान जी अति प्रसन्न होते हैं और भक्तों के बड़े से बड़े संकट दूर हो जाते हैं। ये प्रसाद भक्ति के साथ चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता माना जाता है। इन्हें प्रसन्न करने के लिए 8 प्रसाद विशेष रूप से चढ़ाए जाते हैं।
हनुमान जी को चना और गुड़ का प्रसाद सबसे अधिक प्रिय
hanuman janmotsav : चना और गुड़: हनुमान जी को चना और गुड़ का प्रसाद सबसे अधिक प्रिय है। गुड़ ऊर्जा और चना बल का प्रतीक है। चना-गुड़ चढ़ाने से मंगल दोष शांत होता है और शारीरिक-मानसिक शक्ति बढ़ती है। मीठा पान: बिना तंबाकू वाला मीठा पान का बीड़ा चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह प्रसाद हनुमान जी को बहुत भाता है।
कच्चा नारियल; मोतीचूर के लड्डू
hanuman janmotsav : कच्चा नारियल: बिना फोड़े पूरा कच्चा नारियल चढ़ाना चाहिए। इससे अर्जी स्वीकार होती है और इच्छाएं पूरी होती हैं। इमरती: शुद्ध घी में बनी इमरती चढ़ाने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। मोतीचूर के लड्डू: मोतीचूर के लड्डू चढ़ाने से अखिल भक्ति की प्राप्ति होती है।
केसर भात: पंचमेवा: रोटी: चढ़ाने से मंगल दोष दूर
hanuman janmotsav : केसर भात: केसर मिलाकर बनाया गया भात चढ़ाने से मंगल दोष दूर होता है और सुख-समृद्धि आती है। रोटी: सादी रोटी या रोट में शुद्ध घी लगाकर चढ़ाने से रोग-बाधा से मुक्ति मिलती है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है। पंचमेवा: किशमिश, छुहारा, काजू, मखाना और चिरौंजी मिलाकर बनाया गया पंचमेवा चढ़ाने से सिद्धि पूर्ण होती है।
hanuman janmotsav : हनुमान चालीसा का पाठ करने से विशेष फल प्राप्त होता
धार्मिक मान्यता है कि इन प्रसादों को श्रद्धा और भक्ति भाव से चढ़ाने से हनुमान जी भक्तों के संकट हर लेते हैं। खासकर जन्मोत्सव, मंगलवार और शनिवार को इन प्रसादों का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन इन प्रसादों को चढ़ाकर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, श्रीराम चरितमानस का पाठ करने से विशेष फल प्राप्त होता है। –आईएएनएस एमटी/एबीएम
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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
















