बिलासपुर, 26 जनवरी । CM Sai Bilaspur 77th Republic Day : 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों व पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पदक देने की घोषणा की।
लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति संकल्प
CM Sai Bilaspur 77th Republic Day : जम्मो महतारी-बहिनी, सियान- जवान अउ लइका मन ला जय जोहार ! गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन राष्ट्रप्रेम, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति संकल्प को दोहराने का अवसर है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को स्मरण करते हुए कहा कि संविधान समानता, स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार की गारंटी देता है।
जनजातीय नायकों के योगदान
CM Sai Bilaspur 77th Republic Day : मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती, नई विधानसभा भवन के लोकार्पण, जनजातीय नायकों के योगदान और देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माओवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई अंतिम चरण में है और भटके हुए लोग लोकतंत्र की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
सरकार की उपलब्धियों को मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया
CM Sai Bilaspur 77th Republic Day : किसान कल्याण, धान खरीदी, सिंचाई योजनाएं, आवास निर्माण, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, औद्योगिक निवेश, आईटी, एआई डाटा सेंटर, खेल अधोसंरचना और पर्यटन विकास को लेकर सरकार की उपलब्धियों को मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को जनभागीदारी से पूरा किया जाएगा।
CM Sai Bilaspur 77th Republic Day : विकसित छत्तीसगढ़ के लिए बनाये गये अंजोर विजन
विकसित छत्तीसगढ़ के लिए बनाये गये अंजोर विजन डाक्यूमेंट के अनुरूप हम लगातार कार्य करते रहेंगे। जनभागीदारी से हम छत्तीसगढ़ महतारी को संवारते रहेंगे। मुझे इस अवसर पर स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया जी की कविता की पंक्तियां याद आ रही हैं…
मोर संग चलव रे मोर संग चलव….विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण
CM Sai Bilaspur 77th Republic Day : “सरग ला पृथ्वी मा ला देहूं प्रण अइसन ठाने हव मोर संग चलव रे मोर संग चलव जी मोर संग चलव गा मोर संग चलव रे”मस्तूरिया जी की इन पंक्तियों को साकार करना है और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। आप सभी की भागीदारी से निश्चित ही हम यह लक्ष्य प्राप्त करेंगे।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ महतारी के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए गणतंत्र दिवस की पुनः बधाई दी।
जय भारत, जय छत्तीसगढ़
आप सभी को गणतंत्र दिवस की पुनः बहुत-बहुत बधाई।
जय भारत, जय छत्तीसगढ़
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