नई दिल्ली 28 दिसंबर । IMD issues cold wave alert : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार जम्मू-कश्मीर सहित कई पहाड़ी राज्यों में लगातार बर्फबारी हो रही है। इसका सीधा असर अब मैदानी राज्यों में भी देखने को मिल रहा है, जहां तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है।
दक्षिण भारत भी कड़ाके की ठंड से प्रभावित
IMD issues cold wave alert : खास बात यह है कि इस बार दक्षिण भारत भी कड़ाके की ठंड से प्रभावित हो रहा है। आमतौर पर गर्म रहने वाले राज्यों में शामिल कर्नाटक में भी तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को ठंड का एहसास हो रहा है।
उत्तरी पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाएं
IMD issues cold wave alert : मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते देश के कई हिस्सों में ठंड बढ़ी है। आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में शीतलहर की स्थिति और गहराने की संभावना जताई गई है।
जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने कई इलाकों में कोल्ड वेव (शीतलहर) की चेतावनी जारी की है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्य के करीब आधे जिलों में पिछले कुछ वर्षों में न्यूनतम तापमान में अत्यधिक गिरावट देखने को मिली है। जो एक ऐसे पैटर्न की ओर इशारा करता है जो केवल सर्दियों तक ही सीमित नहीं है।
कर्नाटक में ठंड का कहर, 20 साल का रिकॉर्ड टूटा
IMD issues cold wave alert : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार कर्नाटक में इस समय भीषण ठंड पड़ रही है, जिसने बीते 20 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।
IMD के आंकड़ों के मुताबिक
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बेंगलुरु ग्रामीण में न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस सेल्सियस दर्ज किया गया ।
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मैसूर में 8.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया ।
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रायचूर में 7.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया ।
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विजयपुरा में 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया ।
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जबकि बीदर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया ।
वहीं राज्य के इन जिलों में अब तक के दस सबसे कम न्यूनतम तापमानों में से अधिकांश 2005 के बाद दर्ज किए गए हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक में ठंड का असर ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया है। उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि 1901 के बाद से अब तक के 10 सबसे ठंडे सालों में से अधिकांश पिछले दो दशकों में दर्ज किए गए हैं।
IMD issues cold wave alert : विशेष रूप से बागलकोट जिले में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
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2022 के बाद से अब तक, चार दशकों से अधिक के इतिहास में
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आठ सबसे ठंडे वर्ष दर्ज किए गए हैं
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यहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया
IMD issues cold wave alert : मौसम ने बदला रुख: कर्नाटक में ठंड क्यों बढ़ी ?
मौसम विज्ञानिकों के मुताबिक, तापमान में गिरावट का कारण पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम है । जिसके चलते स्वास्थ्य जोखिमों और फसलों में फफूंद रोगों के प्रसार को लेकर चिंताओं के चलते शीत लहर की चेतावनी जारी की गई है।
IMD issues cold wave alert : मौसम में अत्यधिक बदलाव देखने को मिले
विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष तीनों ऋतुओं में मौसम में अत्यधिक बदलाव देखने को मिले हैं और लंबे समय तक चले मानसून ने राज्य भर में असामान्य रूप से ठंडी परिस्थितियों का माहौल बना दिया है। तापमान में हाल ही में आई तीव्र गिरावट वैश्विक और स्थानीय वायुमंडलीय कारकों के मिश्रण से जुड़ी है, जिसमें प्रशांत महासागर में ‘ला नीना’ घटना भी शामिल है।
IMD issues cold wave alert : ठंड से कांपे ये जिले, तापमान सबसे नीचे
इस बीच, कलबुर्गी, चित्रदुर्ग, हसन और चिक्कमगलुरु जैसे जिलों में भी पिछले दो दशकों में भीषण ठंड पड़ी है, जहां तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे भी नीचे गिर गया है। इन जिलों में अकेले 21वीं सदी में सात से आठ सबसे ठंडे वर्ष दर्ज किए गए हैं।
⚠️ Fog Warning⚠️
🌫️ Dense to very dense fog is likely during night & morning hours across Himachal Pradesh, Punjab, Haryana–Chandigarh, West Uttar Pradesh (till 31 Dec) and East Uttar Pradesh (till 1 Jan).
🌫️ Dense fog may also affect isolated pockets of East Madhya Pradesh,… pic.twitter.com/Px90FFSHWx
— India Meteorological Department (@Indiametdept) December 28, 2025
ऐतिहासिक रिकॉर्ड यह भी संकेत देते हैं कि धारवाड़, बेलगावी, हावेरी, दावणगेरे और बेंगलुरु के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों सहित जिलों में जनवरी में तापमान और भी गिरने की संभावना है, जिससे जनवरी दिसंबर से भी अधिक ठंडा हो जाएगा।
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