रायपुर
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू, अमर गिदवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं मीड़िया प्रभारी संजय चौंबे ने बताया कि कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने कहा कि सिंगापुर के भारतीय न्यायालयों और मध्यस्थता पैनल में दायर अमेज़ॅन दस्तावेज़ विरोधाभासी हैं, क्योंकि सिंगापुर में इसने फ्यूचर ग्रुप पर अपने रणनीतिक नियंत्रण की पुष्टि की है, जबकि भारतीय न्यायालयों में शपथ ले कर उनके द्वारा यह प्रस्तुत किया गया है कि एफआरएल पर इसका कोई नियंत्रण नहीं है, यह बेईमानी का एक स्पष्ट मामला है, सरकार से तथ्यों को छुपाना और झूठी गवाही देना कानूनन अपराध है।
इसे ध्यान में रखते हुए सीसीआई को एमेजॉन को दी गई मंजूरी को तुरंत रद्द कर देना चाहिए। यह अफ़सोस की बात है कि एक के बाद एक कानून और नीतियों के उल्लंघन के मामले, अपने कानूनी नेटवर्क के माध्यम से सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने और पूरी तरह से बेईमानी करने के मामले सामने आ रहे हैं और इस तथ्य के बावजूद कि मुद्दे महत्वपूर्ण और फिर भी सरकार और सरकारी एजेंसियां के द्वारा अमेज़न के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे सख्त शासक के बावजूद ऐसा क्यों हो रहा है, जिसके लिए देश भर के व्यापारी अत्यधिक आक्रोशित हैं।
















