लोक साहित्यकार हरिहर वैष्णव नहीं रहे….मुख्यमंत्री बघेल सहित अनेक प्रदेशवासियों ने दी श्रद्धांजलि

निधन : बस्तर के लोक साहित्यकार, लोक कलाकार, हरिहर वैष्णव नहीं रहे। कोण्डागांव में रहते हुए उन्होंने अखिल भारतीय प्रसिद्धि प्राप्त की।पं सुन्दर लाल शर्मा सम्मान से पुरस्कृत हरिहर विदेशों तक यात्रा कर चुके थे। वे छत्तीसगढ़ के जाने-माने सरल,सहज व सक्रिय लोक साहित्यकार थे। उन्होंने बस्तर के लोक साहित्य को जनमानस के समक्ष रखकर अद्वितीय कार्य किया है। उन्होंने जनजातियों में प्रचलित कहानियों, गीतों को लिपिबद्ध किया। हिंदी के साथ ही बस्तर की स्थानीय बोलियों, हल्बी, भतरी में भी उन्होंने साहित्य का सृजन किया । ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान प्रदान करे। ओम शांति।

मुख्यमंत्री ने साहित्यकार हरिहर वैष्णव के निधन पर जताया शोक: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर के मूर्धन्य साहित्यकार श्री हरिहर वैष्णव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह साहित्य जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है । स्व. श्री हरिहर वैष्णव जी ने बस्तर के लोक साहित्य की समृद्ध विरासत को सहेजने में अपना जीवन समर्पित कर दिया । मुख्यमंत्री बघेल ने ईश्वर से उनकी आत्मा की शान्ति और परिजनों को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।