चंडीगढ़
पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह जारी है। कभी नवजोत सिंह सिद्धू तो कभी उनके सलाहकार कैप्टन अमरिंदर सिंह की मुश्किलें बढ़ाते रहे हैं। कांग्रेस की कलह की आग इतनी बढ़ चुकी है कि कांग्रेस में एक बार फिर से सीएम बदलने की मांग उठने लगी है। सीएम की कार्यशैली से नाराज़ा नेताओं ने सिद्धू के करीबी मंत्री के घर पर बैठक की और सीएम बदलने की मांग पर चर्चा की। इस मुद्दे पर वन इंडिया हिंदी ने कांग्रेस विधायक कुलबीर सिंह ज़ीरा ने बात की। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुद्दे कैप्टन अमरिंदर सिंह हल नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए सोनिया गांधी से मुलाक़ात कर सीएम बदलने की मांग की जाएगी।
कैप्टन पर भरोसा नहीं
विधायक कुलबीर ज़ीरा ने कहा कि अब मुख्येमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह पर हम लोगों का भरोसा है। हम आलाकमान से मुख्युमंत्री को बदलने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री से पंजाब के मसले हल नहीं होने वाले है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस का पांच सदस्य एक शिष्टमंडल आज ही दिल्ली जाकर हाईकमान से मिलेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में तृप्तक राजेंद्र सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, सुखविंदर सिंह सरकारिया, परगट सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल रहेंगे।
सीएम की कार्यशैली पर सवाल
आपको बता दें कि कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के घर पर बैठक हुई इस बैठक में चार कैबिनेट मंत्री, 21 विधायक और कुछ पूर्व विधायक शामिल हुए। कांग्रेस विधायक और कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस के विधायक मुख्यमंत्री की कार्यशैली से ख़ुश नहीं हैं। वहीं बैठक में मौजूद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि हमने मंत्री के रूप में अच्छाय काम किया है और मंत्री पद जाने का कोई डर नहीं है। सुखजिंदर सिंह रंधावा के इस बयान से साफ़ ज़ाहिर हो रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के ख़िलाफ़ जाने पर मंत्रियों का अपना विभाग बदला जा सकता है या फिर मंत्रिमंडल से भी हाथ धोना पड़ सकता है। सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अमृतसर में जाकर हज़ार लोगों को संबोधित कर सकते हैं। विधायकों के साथ बैठक कर सकते हैं, लेकिन कैबिनेट बैठक वर्चुअल करते हैं।
बैठक की पहले से चल रही थी तैयारी
आपको बता दें कि कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के घर पर इस तरह के बैठक की पहले से ही तैयारी थी। बैठक में कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री को पद से हटाने के प्रस्ताव पर ही चर्चा होनी थी। बैठक में 21 विधायक और चार मंत्री ही पहुंचे । इसकी वजह से इस प्रस्ताव को लाने की संभावना कम दिखाई दे रही थी। यह बैठक ऐसे समय में की जा गई जब 2 दिन बाद 26 अगस्त को पंजाब कैबिनेट की बैठक होने वाली है। कैबिनेट बैठक में विधानसभा का मानसून सत्र कब बुलाया जाए इसको लेकर फैसला होना है।
बैठक में सिद्धू नहीं हुए शामिल
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के इस बैठक में शामिल होने के क़यास लगाए जा रहे थे लेकिन सिद्धू बैठक में हाज़िर नहीं हुए। बता दें कि कांग्रेस में कैप्टन विरोधी खेमा लंबे समय से मुख्यमंत्री को बदलने का प्रस्ताव लाने को लेकर के कोशिश में है। आज की बैठक में मंत्रियों में तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा, सुखविंदर रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, समेत कई विधायक और पूर्व विधायकों ने शिरकत की। माना जा रहा है कि कैप्टन विरोधी खेमा न सिर्फ पार्टी हाईकमान बल्कि मुख्यमंत्री पर भी दबाव बनाना चाहता है। कांग्रेस का एक धड़ा बेअदबी और पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी पर कड़ी कारवाई न किए जाने ने नाराज चल रहा है। सुखजिंदर रंधावा पहले ही एडिशनल चीफ सेक्रेटरी होम, डीजीपी विजिलेंस बीके उप्पल और एडवोकेट जनरल अतुल नंदा के इस्तीफ़े की मांग कर चुके हैं।















