बंटवारे का दर्द, किसान का जिक्र, बेटियों को उपहार, चीन-पाक पर प्रहार: मोदी

 नई दिल्ली 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 75वें स्तवंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से आज 8वीं बार तिरंगा फहराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया। लाल किले से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के साथ सबका प्रयास को जोड़ा। उनके भाषण में बंटवारे का दर्द भी छलका, साथ ही आतंकवाद और विस्तारवाद का जिक्र कर परोक्ष रूप से पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने अपने भाषण ऐलान किया कि सरकार ने बेटियों के लिए सैनिक स्कूल के दरवाजे खोल दिए हैं। तो चलिए जानते हैं पीएम मोदी ने जश्न-ए-आजादी के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों से क्या-क्या कहा है। 

चीन और पाक को कड़ा संदेश
पीएम मोदी ने अपने भाषण में आतंकवाद और विस्तारवाद का जिक्र कर परोक्ष रूप से पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया, भारत को एक नई दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं।  एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद। भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़े हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है। 

सभी सैनिक स्कूलों के दरवाजे बेटियों के लिए खुलेंगे: मोदी
सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश के सभी सैनिक स्कूलों के दरवाजे अब लड़कियों के लिए खोल दिये हैं जिससे सभी स्कूलों में अब लड़कों के साथ साथ लड़कियों को भी प्रवेश दिया जायेगा। प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि भारत की बेटियां देश में हर क्षेत्र में अपनी जगह बनाने में लगी है और इसलिए अब सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी सैनिक स्कूलों में लड़को के साथ साथ लड़कियों को भी प्रवेश दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि आज मैं एक खुशी देशवासियों से साझा कर रहा हूं। मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि वो भी सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं, उनके लिए भी सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोले जाएं।  आज भारत की बेटियां अपना स्पेस लेने के लिए आतुर हैं। दो-ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में पहली बार बेटियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया गया था। अब सरकार ने तय किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों को देश की बेटियों के लिए भी खोल दिया जाएगा।  बता दें कि सरकार ने दिसम्बर 2019 में देश के पांच सैनिक स्कूलों के दरवाजे लड़कियों के लिए खोले थे लेकिन आज प्रधानमंत्री ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए कहा कि सभी सैनिक स्कूलों में अब लड़कियों को प्रवेश दिया जायेगा।  
 
राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को अगले 25 वर्षों में एनर्जी को लेकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज जो भी कार्य कर रहा है, उसमें सबसे बड़ा लक्ष्य है, जो भारत को क्वांटम जंप देने वाला है- वो है  ग्रीन हाइड्रोजन का क्षेत्र। मैं आज तिरंगे को  साक्षी मानते  हुए राष्ट्रीय हाड्रोजन मिशन की घोषणा कर रहा हूं।  उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति के लिए, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए भारत को एनजीर् के मामले में आत्मनिर्भर होना अनिवार्य है। इसलिए आज भारत को संकल्प लेना होगा कि हमें आजादी के 100 साल होने से पहले देश को एनजीर्  के मामले में आत्मनिर्भर बनाना होगा। 

बंटवारे का दर्द हिन्दुस्तान के सीने को छलनी करता है
पीएम मोदी ने कहा कि हम आजादी का जश्न मनाते हैं, मगर बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है। यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है। कल ही देश ने भावुक निर्णय लिया है। अब से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों को 75वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव का यह वर्ष देशवासियों में नई ऊर्जा और नवचेतना का संचार करे।

जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है: प्रधानमंत्री
सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देने को लोकतंत्र की असली भावना करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में परिसीमन आयोग का गठन हो चुका है और वहां विधानसभा चुनाव की तैयार चल रही है। आजादी के 75वें स्वाधीनता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि हिमालयी, तटीय और आदिवासी क्षेत्र भविष्य में भारत के विकास का ''बड़ा आधार बनेंगे। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारत को नयी ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए भारत के सामर्थ्य का सही और पूरा इस्तेमाल जरूरी है और इसके लिए जो वर्ग या क्षेत्र पीछे छूट गए हैं उन्हें आगे बढ़ाना ही होगा।