रायपुर, 30 अक्टूबर: PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों की आवश्यकताओं को समझते हुए उनके हित में अनेक दूरगामी निर्णय लिए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना इसका सशक्त उदाहरण है।
इस योजना के माध्यम से किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता उनकी खेती संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
PM Kisan Samman Nidhi:उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के बनासकांठा में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के रूप में देश के 9 करोड़ 34 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार 690 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अंतरित की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को खेती-किसानी की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण योजना है।
PM Kisan Samman Nidhi: विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को इस योजना से आर्थिक संबल मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ के 24.59 लाख से अधिक किसानों को मिले 498.48 करोड़ रुपए : मुख्यमंत्री साय
PM Kisan Samman Nidhi:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 59 हजार 707 किसानों के बैंक खातों में 498 करोड़ 48 लाख रुपए की राशि अंतरित की गई है। इससे प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को खेती-किसानी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक 24 किस्तों में 11 हजार 776 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की गई है, जिससे सहायता वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बनी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों को बीज, खाद, उर्वरक और खेती से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं के लिए समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर प्रारंभ की गई है। इस योजना से विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को अपनी कृषि गतिविधियों के संचालन में सहायता मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अन्नदाताओं की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को समझकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दूरदर्शी पहल की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के समस्त किसान परिवारों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की समृद्धि से ही गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
PM Kisan Samman Nidhi: कृषि क्षेत्र में बढ़ती आय, बेहतर सुविधाएं और आधुनिक तकनीक का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है राज्य सरकार
PM Kisan Samman Nidhi: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान को सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रभावित किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण के आधार पर प्रभावित किसानों को आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के अनुसार आवश्यक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके लिए जिला प्रशासन को प्राथमिकता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित किसान के साथ मजबूती से खड़ी है।
PM Kisan Samman Nidhi: किसानों की मेहनत और उनके हितों की रक्षा के लिए राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, किसानों के लिए खुलेंगे 360 नए उपार्जन केंद्र
PM Kisan Samman Nidhi: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
प्रदेश में किसानों से 3 हजार 100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था की गई है। यह दर देश में धान खरीदी के लिए दी जाने वाली सर्वाधिक दरों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ की जाएगी। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़े तथा उपार्जन केंद्रों में उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 360 नए धान खरीदी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
PM Kisan Samman Nidhi: उन्होंने कहा कि नए उपार्जन केंद्रों के खुलने से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा होगी। धान खरीदी की प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसी भी अन्नदाता को धान बेचने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। किसानों की सुविधा, उनकी मेहनत का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
PM Kisan Samman Nidhi: सिंचाई, आधुनिक कृषि और आय के वैकल्पिक स्रोतों को मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि के लिए खेती को अधिक लाभकारी बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और कृषि आधारित आजीविका के नए अवसर विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के साथ जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्यपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन गतिविधियों से किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने किसानों से शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और आधुनिक एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।
किसानों की समृद्धि, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती
PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के अन्नदाता किसान विकसित भारत के संकल्प की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। किसानों की समृद्धि, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती।
केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने, कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। वर्ष 2013-14 की तुलना में आज देश का कृषि बजट पांच गुना बढ़ चुका है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3 हजार 100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की व्यवस्था राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों का महत्वपूर्ण उदाहरण है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
राजस्व मंत्री वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत पात्र भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इससे भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक संबल मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से किसानों को आर्थिक सहायता, कृषि संसाधन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है। इससे किसानों को खेती-किसानी की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है।
मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
PM Kisan Samman Nidhi: मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा कि फसल विविधीकरण से किसानों की आय के नए अवसर विकसित होंगे। इससे कृषि क्षेत्र अधिक लाभकारी बनेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में सभापति श्रीमती सविता चंद्राकर, छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, सभापति गुरु सौरभ साहब, कृषि विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, कृषि विभाग के संचालक राहुल देव और छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित कृषि विशेषज्ञ, विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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