रायपुर: 13 अक्टूबर: Vande Bharat Trenset ka Uchch Gati Parikshan: मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) की निगरानी में 16 कोच वाली वंदे भारत चेयर कार ट्रेनसेट का परीक्षण किया गया ।
भारतीय रेल द्वारा पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में 16 कोच वाली नव-निर्मित वंदे भारत चेयर कार ट्रेनसेट का 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से उच्च गति परीक्षण किया गया।
परीक्षण मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त की निगरानी में संपन्न हुआ
Vande Bharat Trenset ka Uchch Gati Parikshan: यह परीक्षण मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (Chief Commissioner of Railway Safety – CCRS) की निगरानी में संपन्न हुआ।
रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ), कपूरथला द्वारा निर्मित इस ट्रेनसेट में उन्नत एल्सटॉम (Alstom) प्रोपल्शन प्रणाली लगाई गई है। इस परीक्षण का उद्देश्य उच्च गति पर ट्रेनसेट की गतिशील कार्यक्षमता, सवारी गुणवत्ता, स्थिरता तथा संरक्षा संबंधी विशेषताओं का आकलन करना है।

Vande Bharat Trenset ka Uchch Gati Parikshan: परीक्षण की प्रमुख विशेषताएं
- ट्रेनसेट: 16 कोच वाली वंदे भारत चेयर कार
- निर्माता: रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला
- प्रोपल्शन प्रणाली: एल्सटॉम (Alstom)
- परीक्षण के दौरान अधिकतम गति: 180 किमी प्रति घंटा
- प्रस्तावित अधिकतम परिचालन गति: 160 किमी प्रति घंटा
- परीक्षण खंड: कोटा मंडल के अंतर्गत मथुरा–नागदा खंड में, निर्धारित निर्देशों एवं परिचालन व्यवहार्यता के अनुसार
- निरीक्षण प्राधिकारी: मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त
उच्च गति पर संरक्षा एवं प्रदर्शन का आकलन
Vande Bharat Trenset ka Uchch Gati Parikshan: परीक्षण के दौरान ट्रेनसेट के उच्च गति पर संचालन संबंधी विभिन्न तकनीकी पहलुओं का मूल्यांकन किया गया। इसके अंतर्गत ट्रेन की स्थिरता, गतिशील व्यवहार तथा यात्रियों को मिलने वाली सवारी गुणवत्ता का आकलन प्रमुख रूप से शामिल रहा।
इसके अतिरिक्त, उच्च गति पर ट्रेनसेट के गतिशील व्यवहार का विश्लेषण करने के लिए ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम (Oscillation Monitoring System – OMS) के माध्यम से रिकॉर्डिंग भी की गई। इन रिकॉर्डिंग के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुरूप ट्रेनसेट के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है।
परिचालन स्वीकृति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
Vande Bharat Trenset ka Uchch Gati Parikshan: अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा इस ट्रेनसेट के 160 किमी प्रति घंटे तक परिचालन के लिए अंतिम गति प्रमाणपत्र (Final Speed Certificate) पहले ही जारी किया जा चुका है।
ऐसे में मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा किया गया यह निरीक्षण रेलवे की वैधानिक संरक्षा स्वीकृति प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण है। यह परीक्षण आधुनिक रेल तकनीक, उच्च गति क्षमता तथा संरक्षा मानकों के अनुरूप ट्रेनसेट के प्रदर्शन के मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Vande Bharat Trenset ka Uchch Gati Parikshan: इससे भारतीय रेल में आधुनिक यात्री रेल सेवाओं के विकास और सुरक्षित परिचालन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को बल मिलेगा।
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