रायपुर, 23 सितंबर: Nihshulk Vishal Divyang Upkaran Vitran Shivir: जिन हाथों ने वर्षों से किसी का सहारा लिया, वही आज खुद गिलास उठाकर पानी पी रहे थे। जिन पैरों ने कभी साथ छोड़ दिया था, वही कृत्रिम पैर लगने के बाद बाइक चला रहे थे।
कबीरधाम जिले के पीजी कॉलेज डोम कवर्धा में बुधवार को ये दृश्य सिर्फ एक शिविर की तस्वीर नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के जीवन में लौटती उम्मीद, बढ़ते आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत रही। इस बदलाव के बीच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा दिव्यांगजनों के बीच पहुंचे और निःशुल्क विशाल दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ करते हुए हितग्राहियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए।
Nihshulk Vishal Divyang Upkaran Vitran Shivir: भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सकल जैन समाज एवं भारतीय जैन संगटना (छत्तीसगढ़) और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित शिविर में करीब एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है।
उपकरण नहीं, आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत
Nihshulk Vishal Divyang Upkaran Vitran Shivir: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शिविर में दिव्यांगजनों से मुलाकात की और उन्हें कृत्रिम हाथ-पैर सहित विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए। शिविर में कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल सहित जरूरत के अनुसार अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उपकरण प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने उनका उपयोग कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन भी किया। एक हितग्राही ने कृत्रिम पैर की सहायता से बाइक चलाकर दिखया, वहीं एक अन्य दिव्यांगजन ने कृत्रिम हाथ से पानी पीकर बताया कि यह सुविधा उसके दैनिक जीवन को किस तरह आसान बना सकती है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए आयोजित यह शिविर अद्भुत सेवा का उदाहरण है। जैन समाज सेवा कार्यों में हमेशा आगे रहा है।
Nihshulk Vishal Divyang Upkaran Vitran Shivir: उन्होंने कहा कि कवर्धा में रहते हुए उन्होंने जैन समाज को बहुत करीब से देखा है।
शिविर के लिए लगभग एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है
Nihshulk Vishal Divyang Upkaran Vitran Shivir: जैन समाज के जीवन में एक ओर समृद्धि और सामाजिक दायित्व है, तो दूसरी ओर त्याग और सेवा की प्रबल भावना भी है। यही संतुलन समाज को सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि शिविर के लिए लगभग एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है।
श्रवण, दृष्टि और अस्थि बाधित दिव्यांगजनों सहित जरूरत के अनुसार कैलिपर, कृत्रिम पैर, हाथ एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपकरण केवल हाथ-पैर का सहारा नहीं हैं, बल्कि इनके मिलने के बाद व्यक्ति के जीवन में आने वाला बदलाव अधिक महत्वपूर्ण है।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने एक दिव्यांगजन का उदाहरण देते हुए बताया कि बिजली के तार की चपेट में आने से उसके दोनों हाथ चले गए थे। शिविर में कृत्रिम हाथ मिलने के बाद उसने पहली बार अपने हाथ से पानी का गिलास उठाया।
उन्होंने कहा कि उस समय उसके मन में क्या भाव रहे होंगे, इसे वही व्यक्ति समझ सकता है। कृत्रिम हाथ-पैर की कीमत से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि इनके मिलने से दिव्यांगजन के जीवन में कितना बदलाव आता है और उसका आत्मविश्वास कितना बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों से कवर्धा में इस तरह के सेवा कार्य लगातार हो रहे हैं। उन्होंने भारतीय जैन संगठन, भगवान महावीर विकलांग सेवा समिति, सकल जैन समाज और एनएसई फाउंडेशन के सहयोग की सराहना की।
Nihshulk Vishal Divyang Upkaran Vitran Shivir: उन्होंने राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार करने की प्रक्रिया भी देखी।
बस्तर में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों तक भी पहुंचेगी सेवा
Nihshulk Vishal Divyang Upkaran Vitran Shivir: उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी तरह के शिविर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में भी आयोजित किए जाएंगे। बस्तर में आईईडी विस्फोटों के कारण दिव्यांग हुए लोगों को चिन्हांकित कर कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है।
ग्राम पंचायतों के माध्यम से ऐसे दिव्यांगजनों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उन्हें शिविर तक लाकर कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि बस्तर के अंदरूनी गांवों में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों को कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकें।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि शिविर का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक पहुंचे, इसके लिए सभी लोग इसकी जानकारी अपने स्तर पर साझा करें।
Nihshulk Vishal Divyang Upkaran Vitran Shivir: उन्होंने समाज, संस्थाओं और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को सेवा कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन हैं, जिन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही
Nihshulk Vishal Divyang Upkaran Vitran Shivir: दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन हैं, जिन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
दिव्यांगजनों को केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी जरूरी है। रायपुर में दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास केंद्र तैयार किया जा रहा है, जहां विभिन्न ट्रेड के साथ डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्वरोजगार के लिए दिव्यांगजनों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है तथा पात्र हितग्राहियों को ऋण पर अनुदान भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजनों को किसी पर निर्भर रहने वाला नहीं, बल्कि स्वाभिमान के साथ अपने परिवार और समाज को योगदान देने वाला बनाना है।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल, भारतीय जैन संगटना राष्ट्रीय सचिव पंकज लूकड़, प्रदेश अध्यक्ष विजय गंगवाल, प्रदेश महासचिव सीए विकास गोलछा, सकल जैन संघ कवर्धा के अध्यक्ष नेमीचंद गोलछा, जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ कवर्धा के अध्यक्ष खुशाल टाटिया, सकल जैन संघ कवर्धा के सचिव अतुल देशलहरा तथा स्वास्थ्य एवं शिविर प्रोग्राम के प्रदेश प्रमुख डॉ. अतुल जैन सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
Nihshulk Vishal Divyang Upkaran Vitran Shivir: 23 से 26 सितंबर तक चलेगा शिविर
शिविर में राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार कर जरूरत के अनुसार उनका परीक्षण और फिटिंग की जा रही है। इससे हितग्राहियों को उनकी शारीरिक आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने में सुविधा मिल रही है।
शिविर में श्रवण, दृष्टि एवं अस्थि बाधित दिव्यांगजनों सहित विभिन्न श्रेणी के दिव्यांग हितग्राहियों ने पंजीयन कराया है। बड़ी संख्या में पहुंचे हितग्राहियों की जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
Nihshulk Vishal Divyang Upkaran Vitran Shivir: चार दिवसीय शिविर में 23 से 26 सितंबर तक दिव्यांगजनों को आवश्यकतानुसार उपकरण प्रदान किए जाएंगे।
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