भोपाल
संस्कृति विभाग ने जिला भिंड में स्थित खरऊआ गेट स्मारक की सुरक्षा और प्रतिमा के विधिवत पंजीयन का दायित्व जिला प्रशासन को सौंप दिया है। जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि विकास कार्य के दौरान यह ध्यान रखा जाये कि स्मारक के पुरातत्वीय महत्व को कोई हानि न हो। साथ ही इसके पुरातत्वीय महत्व को देखते हुए समस्त प्रस्तावित विकास कार्य उपसंचालक पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, ग्वालियर के मार्गदर्शन में कराया जाये।
राज्य शासन की यह राय है कि स्मारक या क्षेत्र को व्यापक जनहित के दृष्टिगत, मध्यप्रदेश प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम 1964 की धारा 34 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिसूचना 24 अगस्त 2015 द्वारा राज्य संरक्षित घोषित किए गए स्मारक क्षेत्र को अब और अधिक समय तक संरक्षित करने की आवश्यकता नहीं है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा मध्य प्रदेश प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम 1964 की धारा 3 की उपधारा (1) के द्वारा खरऊआ गेट, ग्राम गोहद तहसील गोहद, जिला भिण्ड को मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग की अधिसूचना 24 अगस्त 2015 द्वारा राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया गया था। पुरातत्व महत्व के इस स्मारक में शासन की मंशा अनुसार संरक्षण न होने पर, राज्य शासन द्वारा यह अधिसूचना कभी भी निरस्त कर स्मारक को पुनः राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया जा सकेगा।
















