रायपुर
नगरीय निकाय चुनाव में मिले ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया कि भूपेश बघेल का छत्तीसगढ़ मॉडल से पूरे देश में कांग्रेस पुनः सत्ता प्राप्त कर सकती है ऐसे लोगों का मनना है जो राजनीतिक की फिर से पूरे देश में कांग्रेस का उदय करने की क्षमता रखते हैं। कांग्रेस हाईकमान को भूपेश बघेल पर विश्वास जाता कर यूपी की बड़ी जिम्मेदारी दी ही है | जो कि कांग्रेस को केंद्र की सत्ता में वापसी में सबसे बड़ा योगदान होगा। जिसके लिए देश भर में छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा की शुरूआत हो चुकी है। जिसके सहारे कांग्रेस को देश भर में फिर से स्थापित करने में मदद मिलेगी। पिछले विधानसभा चुनाव में जनता ने भूपेश बघेल के प्रति विश्वास किया और बंपर समर्थन देकर पंजा पर मुहर लगाकर ऐतिहासिक जीत के साथ सारे रिकार्ड तोड़ दिए । उसी रिकार्ड को जनता ने निकाय चुनाव में फिर से दोहराया है। 15 में से 14 निकाय जनता ने कांग्रेस की झोली में डाल कर भूपेश बघेल के विकास मॉडल पर मुहर लगा दी है।
भाजपा के रमन मॉडल को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया और भूपेश बघेल के विकास मॉडल पर भरोसा दिखाया। देखा जाय तो छत्तीसगढ़ में 2004 से 2018 तक हुए नगरीय निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ ही जनादेश मिलता आया है।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही भूपेश बघेल ने चुनावी घोषणाओं पर अमल शुरू कर दिया। शपथ लेते ही किसानों की कर्ज माफी के आदेश पर हस्ताक्षर कर भूपेश सरकार ने इतिहास रच दिया। छत्तीसगढ़ के काबिल नेताओं को दिल्ली की राजनीति में प्रभावी स्थान भी मिला था। रविशंकर शुक्ल, विद्याचरण शुक्ल,मोतीलाल वोरा, अरविन्द नेताम, शिवेंद्र बहादुर सिंह जैसे नेताओ की दिल्ली की राजनीति में मजबूत पकड़ थी। उस परंपरा को छत्तीसगढ़ से भूपेश बघेल ने कायम रखा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस हाईकमान ने आसाम चुनाव के बाद उत्तरप्रदेश जैसे बड़े राज्य में होने वाले चुनाव में मुख्य पर्यवेक्षक बनाकर गाँधी परिवार की बेटी प्रियंका गाँधी वाड्रा के साथ काम करने का अवसर दिया है। भारतीय जनता पार्टी और उनके अनुषांगिक संस्थाओं ने छत्तीसगढ़ की जनता की भावनाओं को समझ नहीं पाए। प्रदेश में कवर्धा घटना को काफी हवा दिया गया यहाँ के माहौल को साम्प्रदायिक बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़े थे। छत्तीसगढ़ की जनता पूरे देश में भोली भाली जनता के रूप में जानी व पहचानी जाती है। यहाँ की जनता ने हिन्दू-मुस्लिम पर ध्यान न देकर भूपेश सरकार की विकास को ध्यान देकर वोट किया । सर्वधर्म समभाव की भावना वाली भूपेश सरकार ने सीधा प्रगाढ़ रिश्ता जनता से बनाया और 15 में से 14 निकाय को अपने झोली में डाल लिया। आज गांवों और शहरों में नरवा, गरवा, घुरवा,बाड़ी के जरिए हो रही समृद्धि और खुशहाली को पूरा देश देख कर भूुपेश मॉडल का अनुसरण कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा के मुख्यमंत्री भी छत्तीसगढ़ मॉडल की तारीफ कर चुके हैं।
भूपेश बघेल ने अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचय देते हुए सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की मानिटरिंग खुद कर तीन सालों में अनेक उपलब्धियां हासिल की। छत्तीसगढ़ में किसान हितैसी फ़ैसलों पर जनता ने भूपेश बघेल और कांग्रेस पर भरोसा कर 2018 में दिए जनादेश को दोहरा दिया है। भूपेश बघेल ने आज साबित कर दिया कि भूपेश है तो भरोसा है।














