इंदौर
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून के तहत निजी स्कूलों में कमजोर वर्ग के बच्चों को पढ़ाने के लिए आवेदन करने का आज आखिरी दिन है। इस साल अब तक करीब 11 हजार आवेदन मिल गए है, जबकि जिले में 12 हजार 816 सीटें खाली है। 16 जुलाई को बच्चों का चयन लाटरी के माध्यम से किया जाएगा।
जिला परियोजना समन्वयक अक्षय सिंह राठौर ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के बाद बच्चे के अभिभावक को आवेदन में दर्ज की जानकारी के दस्तावेज 10 जुलाई तक सत्यापन कराना अनिवार्य है। वे लोग अभिभावक आवेदन में दिए गए दस्तावेजों की मूल प्रति को निकट के जनशिक्षा केन्द्र ले जाकर सत्यापन करवा लें। दस्तावेज का सत्यापन नहीं कराने पर आवेदन निरस्त हो जाएगा। कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुये सत्यापन के लिए बच्चों को सत्यापन केन्द्र ले जाने की आवश्यकता नहीं है।
पालक वर्तमान में मध्यप्रदेश में जिस जिले में है, उसी जिले में निकट के जनशिक्षा केन्द्र में जाकर सत्यापन करा सकते है। सत्यापन-कर्ता अधिकारियों को मोबाइल एप से सत्यापन करने की पारदर्शी व्यवस्था प्रारंभ की गयी हैं। सत्यापन के बाद तुरंत ही पालक को पात्र अथवा अपात्र होने की सूचना एसएमएस से भेजी जा रही हैं। राठौर ने बताया कि इस साल करीब 11 हजार आवेदन आ चुके है, जबकि शुक्रवार को आवेदन का अंतिम दिन है। गौरतलब है कि पहले आवेदन की अंतिम तिथी 30 जून थी, लेकिन कम अावेदन आने से इसे बढ़ा कर नौ जुलाई किया गया है।















