नई दिल्ली
देश में कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। कुछ राज्यों में मामले बढ़े भी हैं। इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने सरकार को सचेत करते हुए कहा है कि पर्यटन व धार्मिक यात्राओं से कोरोना ज्यादा घातक हो सकता है। इससे तीसरी लहर जल्द आ सकती है और धार्मिक यात्राएं कोरोना का संक्रमण बढ़ाने में सुपर स्प्रेडर की भूमिका निभा सकती हैं।
ऐसे में आइएमए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सभी राज्य सरकारों से मांग की है कि कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा के उपायों को अभी कम नहीं करना चाहिए। पर्यटन, तीर्थ स्थलों का भ्रमण और धार्मिक यात्राएं जरूरी हैं, लेकिन मौजूदा समय में यह उचित नहीं है। ऐसे आयोजनों के लिए अभी कम से कम तीन माह इंतजार करना चाहिए।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कहा कि वैश्विक रूप से मिली सबूत और किसी भी महामारी के इतिहास से यह पता चलता है कि कोरोना की तीसरी लहर जरूर आने वाली है. बयान में कहा गया कि इस नाजुक वक्त में, जब हर किसी को तीसरी लहर की संभावना घटाने के लिए काम करने की जरूरत है, देश के कई हिस्सों में, सरकारें और लोग ढिलाई बरत रहे हैं.
तीसरी लहर को न्योता
आईएमए ने कहा कि लोग लगातार कोविड प्रोटोकॉल को तोड़ रहे हैं और बड़ी संख्या में एक जगह जमा हो रहे हैं. आईएमए ने कहा कि इनकी इजाजत देना और लोगों को टीका लगवाए बगैर इस भीड़भाड़ में शामिल होने देना कोविड की तीसरी लहर में बड़ा योगदान दे सकता है.
ओडिशा के पुरी में सालाना रथ यात्रा शुरू होने के दिन और उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा की इजाजत दिये जाने की वार्ता होने के बीच यह बयान आया है. आईएमए ने सभी राज्यों से लोगों की भीड़भाड़ को रोकने की अपील की है ताकि संभावित तीसरी लहर से निपटा जा सके.
'कोरोना वॉरियर बनें लोग'
आईएमए की चेतावनी के बाद केन्द्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ने को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पर्यटकों को रोकने की कतई नहीं है, लेकिन कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हमें कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना ही होगा.
मंत्री ने पर्यटकों से नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि अगर महामारी को हराना है तो हर व्यक्ति को कोरोना वॉरियर बनना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि आम जनता की भागीदारी के जरिए ही कोविड-19 को फैलने से रोका जा सकता है.
















