रायपुर
इंडिया हाइपरटेंशन कंट्रोल इनिशिएटिव प्रोग्राम (IHCI) के तहत रायपुर ज़िले के सात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 15,634 पंजीकृत रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज करने के लिये 15 अगस्त को सम्मानित किया गया। आईएचसीई प्रोजेक्ट के अंतर्गत सामुदाय में सभी व्यस्क व्यक्तियों की ब्लड प्रेशर एवं शुगर की स्क्रीनिंग करने एवं बीपी के मरीजों को कार्ड बनाकर उनका हर महीने जांच, दवा उपलब्धता, ऑनलाइन इंट्री करना शामिल किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) मंदिर हसौद (85 अंक) पाकर पहले स्थान पर रहा। आरंग ब्लॉक पीएचसी चंद्रखुरी ने 80, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा (78), शहरी पीएचसी चंगोराभाठा (77), पीएचसी तोरला (74), पीएचसी मंधार (73) और तिल्दा ब्लॉक पीएचसी बांगोली (65) ने स्कोर प्राप्त किया।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंदिरहसौद स्वास्थ्य के क्षेत्र में नित नये कीर्तिमान स्थापित करता आ रहा है। यह रैंकिंग विश्व स्वास्थ्य संगठन के छत्तीसगढ़ प्रतिनिधियों द्वारा तिमाही रिपोर्ट पर आधारित थी। रायपुर जिले में मार्च 2020 से आईएचसीई प्रोजेक्ट लागू रहा है। इसके तहत रक्तचाप के रोगियों की जाँच की गई और नियमित दवाएँ तथा सलाह दी जाती रही है।
रायपुर जिले में प्रथम स्थान सत्र 2020-21 के लिए प्राप्त होने पर कलेक्टर सौरभ कुमार, सीईओ मयंक चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल, नोडल अधिकारी उविन शाह द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंदिरहसौद के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी अनंत को पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस मौके पर डॉक्टरों, रेजिडेंट मेडिकल असिस्टेंट्स, स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्टों और रेजिडेंट हाउस ऑफिसर्स को भी सर्टिफिकेट दिये गए। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम डब्लूएचओ केंद्र एवं राज्य शासन के सहयोग से रायपुर एवं दुर्ग जिले में मार्च 2020 में शुरु किया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिये रोगियों की संख्या, रक्तचाप की नियंत्रण दर, अनुवर्ती दवाओं की उपलब्धता और नए रोगी की खोज के आधार पर 100 अंकों पर रैंकिंग दी जाती है।
पीएचसी मंदिरहसौद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी अनंत ने बताया, “इस प्रोजेक्ट की शुरुआत सीएमएचओ डॉ मीरा बघेल एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ.केएस राय के मार्गदर्शन में किया गया। योजना को सफल बनाने के लिए सभी मैदानी कर्मचारियों, मितानिन के द्वारा आस-पास से सभी ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंदिर हसौद के शिविर एवं वीएचएनडी द्वारा स्क्रीनिंग के लिए जागरुक किया गया। अस्पताल स्टॉफ द्वारा कार्ड जारी करना दवाइयां वितरण की कार्ययोजना के तहत इस प्रयास में अग्रणी रहे हैं। जिसकी शुरुआत कोरोना संक्रमण के समय में भी लगभग 20,000 लोगों की गतवर्ष में स्क्रीनिंग एवं 415 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंदिर हसौद उच्च गुणवता युक्त स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रतिबद्ध रहा है जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणिता एनक्यूएएस (National Quality Assurance standards) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की श्रेणी में राज्य में प्रथम स्थान के साथ कायाकल्प कार्यक्रम में भी विगत 6 वर्ष से निरंतर अग्रणी रहा है। यहां इलाज के अलावा किड्स प्लेयिंग जोन ( नोनी लइका डेरा ), संगीत चिकित्सा, योगा जुम्बा केंद्र और उच्च गुणवत्ता उक्त जच्चा बच्चा वार्ड भी आकर्षण का केंद्र रहा है”।














