Father’s Day
पिता और बच्चों के बीच रिश्ता खट्टा मीठा सा होता है। पिता अपने बच्चे से प्यार तो बहुत करते हैं, लेकिन उनके भविष्य को संवारने के लिए और उनका मार्गदर्शन करने के लिए पिता को कभी कभी कठोर बनना पड़ता है। वह बच्चे के साथ गंभीरता से पेश आते हैं। उन्हें पढ़ने, भविष्य के बारे में सोचने के लिए याद दिलाते रहते हैं। ऐसे में बच्चे मां के सामने जितना घुले मिले होते हैं, शायद उतना पिता के साथ न हो पाए। लेकिन जब उन्हें कुछ चाहिए होता है, फरमाइशें होती हैं या किसी बात के लिए परमिशन चाहिए होती है, तो वह पिता के पास जाते हैं। ऐसे में बच्चे हों या पिता दोनों ही एक दूसरे से लगाव रखते हैं लेकिन अक्सर खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाते। इन्हीं भावनाओं को पिता के सामने जाहिर करने के लिए दुनियाभर में फादर्स डे मनाया जाता है। जून माह के तीसरे रविवार को फादर्स डे होता है, इस बार 19 जून को फादर्स डे हैं।
History of Father’s Day
अमेरिका में साल 1907 में पहली बार अनिधिकृत रूप से ‘फादर्स डे’ मनाया गया था। जबकि आधिकारिक रूप से इसकी शुरुआत साल 1910 में हुई थी। हालांकि, ‘फादर्स डे’ मनाने की तारीख को लेकर जानकारों में मतभेद हैं। इतिहासकारों की माने तो इस दिन की शुरुआत सोनोरा स्मार्ट डोड ने की। दरअसल, सोनेरा जब छोटी थीं तो उनकी मां का देहांत हो गया, और पिता विलियम स्मार्ट ने उन्हें मां और बाप, दोनों का प्यार दिया। अपने पिता के प्यार, त्याग और समर्पण को देख उन्होंने मदर्स डे की तर्ज पर ‘फादर्स डे’ मनाने की सोची।
इसके बाद 19 जून 1909 को पहली बार डोड ने फादर्स डे मनाया। वहीं, साल 1924 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति कैल्विन कोली ने फादर्स डे को मंजूरी दी। इसके चार दशक बाद राष्ट्रपति लिंडन जानसन ने साल 1966 में यह घोषणा कि हर साल जून महीने के तीसरे रविवार को ‘फादर्स डे’ मनाया जाएगा। इस दिन अमेरिका में आधिकारिक छुट्टी दी जाती है।















