रायपुर । कुलदीप शुक्ला
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, न्यायिक कर्मचारी संघ, लघु वेतन कर्मचारी संघ, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ पटवारी संघ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ जैसे संगठनों ने भी 22 अगस्त से जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन में अपनी भूमिका अदा की।
आज आंदोलन वापसी के बाद बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर डटे कर्मचारियों को आश्वस्त कर उनके आक्रोश को शांत किया गया तथा सभी से अपील की गई कि वे अपने कार्य पर लौट जाएं।
संघ के संरक्षक विजय कुमार झा, प्रांत अध्यक्ष अजय तिवारी, न्यायिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष युद्धेश्वर सिंह ठाकुर, लघु वेतन कर्मचारी संघ अध्यक्ष कौशल अग्रवाल, ने संयुक्त विज्ञप्ति में बताया है कि रविंद्र चौबे संसदीय कार्य मंत्री एवं प्रवक्ता से सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा के बाद लंबित 6% महंगाई भत्ता दिवाली राज्य उत्सव के समय देने, 1 अगस्त 22 से दिए गए 6% महंगाई भत्ता को अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की भांति देयतिथी से देने तथा 1 जुलाई 21 से 1 जुलाई 22 तक 1 वर्ष का एरियस संबंधित कर्मचारी के खाते में जमा करने तथा केंद्रीय कर्मचारी एवं अखिल भारतीय सेवा के छत्तीसगढ़ के अधिकारियों की भांति गृह भाड़ा भत्ता हेतु समिति का गठन करने के संबंध में धरना स्थल पर उपस्थित आंदोलनकारियों को विजय कुमार झा अजय तिवारी, युधेश्वर सिंह ठाकुर, उमेश मुदलियार पीतांबर पटेल, संजय शर्मा, राजकुमार शर्मा, कमलेश तिवारी, विजय कुमार डागा, राज कुमार देशलहरे विजय कुमार डागा आदि ने विस्तार से चर्चा निर्णय के संबंध में अवगत कराकर उनको विश्वास दिलाया कि कर्मचारियों का कभी भी अहित नहीं होगा।
मुख्यमंत्री के बारंबार अपील के बाद वह जिम्मेदार मंत्री की पहल पर यह आंदोलन स्थगित की गई है। कर्मचारी नेताओं ने फेडरेशन द्वारा 22 अगस्त से जारी आंदोलन को सफल बनाने वाले प्रदेश के लड़ाकू संघर्षशील कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके मान सम्मान स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प पारित किया गया।















