नई दिल्ली,
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उन लोगों पर निशाना साधा जो कश्मीर में कर्फ्यू और इंटरनेट पर पाबंदी जैसे कदमों पर सवाल उठाते हैं. उन्होंने कहा, “लोगों ने कर्फ्यू के साथ ही इंटरनेट के निलंबन पर सवाल उठाए. लेकिन अगर कर्फ्यू नहीं होता तो न जाने कितनी जानें जातीं. कर्फ्यू, इंटरनेट बंद होने से कश्मीर के युवाओं को बचाया गया.” वे श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर युवा क्लब के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे.
जम्मू-कश्मीर के अपने तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन शनिवार को श्रीनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने केंद्रशासित प्रदेश पर शासन करने वाले पहले की सरकारों पर जमकर हमला बोला और पूछा कि पिछले 70 सालों में 40 हजार लोग क्यों मारे गए. उन्होंने कहा, “पहले की सरकारों ने 70 साल में जम्मू कश्मीर को क्या दिया? 87 विधायक, 6 सांसद और 3 परिवार.”
यहां से गरीबी जा रही है, लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं’
युवा क्लब के सदस्यों ने अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचायत चुनावों में करीब 30,000 चुने हुए प्रतिनिधि देने का काम किया है. जो आज लोगों की सेवा कर रहे हैं, लेकिन पिछली सरकारों ने कुशासन सिवा कुछ नहीं दिया. उन्होंने आगे कहा, “आजादी के बाद भारत सरकार ने प्रति व्यक्ति के हिसाब से जम्मू कश्मीर को सबसे ज्यादा मदद की है, लेकिन यहां की गरीबी, बेरोजगारी नहीं गई, इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास नहीं हुआ. अब यहां से गरीबी जा रही है, लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं.”
आज जम्मू कश्मीर में युवा विकास की बात कर रहा है’
युवाओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, “किसी भी क्षेत्र में अगर परिवर्तन करना है, कोई भी चीज बदलनी है तो परिवर्तन का वाहक केवल और केवल युवा हो सकता है. कोई भी परिवर्तन युवाओं की सहभागिता के बगैर संभव ही नहीं है.” उन्होंने कहा, “आज जम्मू कश्मीर में युवा विकास, रोजगार और पढ़ाई की बात कर रहा है. ये बहुत बड़ा बदलाव है. अब कोई कितनी भी ताकत लगा ले, इस बदलाव की बयार को कोई अब रोक नहीं सकता.”
शाह ने की जम्मू-कश्मीर में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा की अध्यक्षता
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री ने श्रीनगर में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. राजभवन में आयोजित बैठक में अल्पसंख्यकों और गैर-स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की गई. दरअसल हाल के दिनों में आतंकवादियों द्वारा नागरिकों की लक्षित हत्याएं की गई हैं. बैठक के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा किए गए आतंकवाद रोधी और घुसपैठ रोधी उपायों पर भी चर्चा की गई.
आतंकी हमलों के बाद J&K में सीएपीएफ की 50 अतिरिक्त कंपनियां तैनात
आतंकवादियों द्वारा नागरिकों की हत्याओं के बाद जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 50 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की जा रही हैं. तैनात किए जा रहे अतिरिक्त कर्मियों का इस्तेमाल मुख्य रूप से घाटी के शहरों और घनी आबादी वाले शहरों में सुरक्षा कड़ी करने के लिए किया जाएगा. साथ ही 2014 और 2018 में हटाए जाने के बाद श्रीनगर शहर में कई जगह एक बार फिर से बंकर बनाए गए हैं.














