नई दिल्ली
लद्दाख में पिछले साल हुए विवाद के बाद भारत और चीन के सैन्य कमांडर लगातार वार्ता कर मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक दोनों देशों के बीच 12 दौर की बातचीत हो चुकी है। जल्द ही भारत और चीन के बीच जल्दी ही 13वें दौर की सैन्य वार्ता शुरू होगी। पैंगोंग झील और गोगरा हाइट्स पर टकराव वाले बिंदुओं से जवानों की वापसी के बाद अब हॉट स्प्रिन्ग के नजदीक विवाद को खत्म करने पर चर्चा होगी।
एक अधिकारी ने बताया है कि 13वें दौर की सैन्य वार्ता के लिए चीनी मिलिट्री को जल्द ही निमंत्रण भेजा जाएगा, ताकि हॉट स्प्रिन्ग इलाके में मौजूदा विवाद को खत्म करने की दिशा में चर्चा की जा सके। हमें आशा है कि हम जल्द ही इस मामले को सुलझा लेंगे।' हॉट स्प्रिन्ग चीन के साथ मौजूदा विवाद का वो अंतिम क्षेत्र है जिसपर दोनों देशों के बीच सहमति बननी अभी बाकी है। इसके अलावा देपसांग प्लेन्स एक कानूनी मुद्दा जो बरसों से बना हुआ है।
हालाँकि, भारत नए और पुराने दोनों मुद्दों को एक साथ हल करने और चर्चा करने और समाधान खोजने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। भारत और चीन के बीच अब तक 12 दौर की वार्ता हो चुकी है, जिससे पैंगोंग क्षेत्र और गोगरा हाइट्स के मुद्दों को सुलझाने में मदद मिली है। चीन के साथ हो रही बातचीत में देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे तथा प्रधानमंत्री कार्यालय की गाइडलाइन की अहम भूमिका रही है। चीनी ने 2020 में पूर्वी लद्दाख सेक्टर में कई क्षेत्रों में घुसपैठ की थी, लेकिन भारतीय पक्ष ने उनके मूवमेंट का दृढ़ता से जवाब दिया था। भारत और चीन ने पिछले साल से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रत्येक में 50,000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है, क्योंकि काफी दिनों तक वहां तनाव की स्थिति बनी रही। भारत को चीनी सैन्य इरादों पर भरोसा नहीं है और यह सुनिश्चित किया है कि चीनियों की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए।













