भारत में आतंकी हमले की साजिश रच रहा जैश-ए-मोहम्मद, जम्मू-कश्मीर है पहला टारगेट: रिपोर्ट

नई दिल्ली
प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) भारत में आतंकी हमले की साजिश रच रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने जानकारी दी है कि तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद के लगभग 100 सदस्यों को जेल से रिहा किया गया है। जो वापस आतंकी संगठन में शामिल हो गए हैं और भारत में आतंकी हमले की योजना बना रहे हैं, खासकर जम्मू और कश्मीर में। जैश का पहला टारगेट जम्मू और कश्मीर हैं। सुरक्षा एजेंसियों को जैश संगठन प्रमुख मसूद अजहर के बारे में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा एक सोशल मीडिया पोस्ट मिला है, जो अफगानिस्तान की जीत के बाद जम्मू-कश्मीर में हमलों के लिए कैडरों को तैयार करने के लिए प्रेरित करते हैं।

सुरक्षा एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा, "आतंकवादी संगठन द्वारा नियंत्रित संस्थानों में, पिछले हफ्ते सदस्यों को निर्देश दिए गए हैं, जो जम्मू-कश्मीर में हमले की योजना के इर्द-गिर्द घूमते है।'' जैश-ए-मोहम्मद और तालिबान के वरिष्ठ अधिकारी पहले ही भारत पर हमले को लेकर बैठक कर चुके हैं। जेईएम को भारत को टारगेट करने और अपनी आतंकी गतिविधियों को पूरा करने में सभी समर्थन का भरोसा दिया गया है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अफगानिस्तान के घटनाक्रम से पाकिस्तानी बलों का भी हौसला बढ़ेगा, जो आतंकवादियों की घुसपैठ में मदद करते हैं।

भारतीय सुरक्षा बलों ने इस साल अब तक जम्मू-कश्मीर में कई जैश-ए-मोहम्मद कैडरों का खात्मा कर दिया है। सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी ने कहा, जैश-ए-मोहम्मद के दो प्रमुख पाकिस्तानी कमांडर, मोहम्मद इस्माइल और अब्दुल राशिद गाजी 31 जुलाई 2021 को पुलवामा में त्राल क्षेत्र के हंगलमर्ग जंगल में एक मुठभेड़ में मारे गए थे। ये दोनों 14 फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के पीछे के मास्टरमाइंड थे। वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी की हिटलिस्ट में भी थे। रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद इस्माइल और अब्दुल राशिद गाजी भारत पर किए गए कई हमलों में शामिल थे। दोनों ने मिलकर कई स्थानीय युवाओं को कश्मीर घाटी में जैश-ए-मोहम्मद में भर्ती किया था। अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने फिर से इस संगठन का हौसला बढ़ाया है।