वेलिंग्टन
कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ दुनिया की जंग जारी है। इस बीच खुद को कोरोना मुक्त घोषित कर चुका न्यूजीलैंड एक बार फिर वायरस की गिरफ्त में आ चुका है। न्यूजीलैंड में कोरोना वायरस के मामला सामने आने के बाद देशव्यापी लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। इसी क्रम में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने गुरुवार को कहा कि खतरनाक डेल्टा वेरिएंट के प्रसार को रोकने के लिए सख्त लॉकडाउन अपना काम कर रहा है। हालांकि इस बीच 26 अगस्त को नए कोविड के नए मामलों में बढ़ोतरी भी देखी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को न्यूजीलैंड में 68 नए मामले दर्ज किए, जिससे कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 277 हो गई। कुल मामलों में से 263 ऑकलैंड में और 14 राजधानी वेलिंगटन से हैं। 50 लाख की आबादी वाले इस देश के लोग अब लॉकडाउन के चलते अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। स्कूलों और अधिकांश ऑफिसों को कम से कम अगस्त के अंत तक बंद कर दिया गया है। मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए पीएम जैसिंडा अर्डर्न ने कहा कि लॉकडाउन का असर हो रहा है लेकिन डेल्टा वेरिएंट बेहद खतरनाक है। हमें अविश्वसनीय रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि फरवरी में कम संख्या में मामलों को छोड़ दें तो पिछले साल न्यूजीलैंड काफी हद तक वायरस से मुक्त हो गया था। इस बीच बीते सप्ताह ऑकलैंड में डेल्टा वेरिएंट का प्रकोप बढ़ने के बाद पीएम जैसिंडा अर्डर्न को देशव्यापी लॉकडाउन लागू करने पर मजबूर होना पड़ा। बॉर्डर पर सख्त प्रतिबंध और लॉकडाउन की मदद से वायरस को खत्म करने के पीएम जैसिंडा के फैसले को न्यूजीलैंड में व्यापक समर्थन मिला है। इस बीच उनकी सरकार को सबसे धीमी गति से कोरोना वायरस का टीकाकरण करने के लिए आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा है। न्यूजीलैंड की पीएम ने कहा, कोई भी हमेशा के लिए लॉकडाउन नहीं लगाना चाहता, हमारा भी ऐसा इरादा नहीं है।













