लोगों को ‘हिन्दुत्व’ से कनेक्ट करने का योगी का प्लान, जिलों के नाम बदलने के प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर 

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद यूपी में कई जिलों के नाम बदले गए थे। इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया जबकि फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या किया गया। इसके साथ ही मुगलसराय का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय नगर कर दिया गया था। दरअसल योगी सरकार की प्लानिंग विधानसभा चुनाव से पहले लोगों को हिन्दुत्व से कनेक्ट करने की है। इस लिहाज से भाजपा की सरकार उन लंबित प्रस्तावों पर विचार कर रही है जिनके तहत कई जिलों के नाम बदलने की मांग की गई थी। बताया जा रहा है कि सरकार के स्तर पर इन प्रस्तावों को एकत्र करने की कवायद शुरू कर दी गई है। सरकार सितम्बर के पहले पहले सप्ताह में इस पर ठोस फैसला ले सकती है। 

करें जिलों के नाम बदलने के कई मामले सामने आए अलीगढ़ की नवगठित जिला पंचायत समिति की दूसरी बैठक नवनिर्वाचित अध्यक्ष विजय सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में हुई थी। बैठक में सदस्य केहरी सिंह और उमेश यादव ने प्रस्ताव किया कि अलीगढ़ जिले का नाम बदलकर हरिगढ़ कर दिया जाए, जिसमें सभी सदस्यों ने सहमति दी थी। इसके बाद अध्यक्ष विजय सिंह ने नाम परिवर्तन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा। 

मैनपुरी में को मयंपुरी करने की मांग ऐसा ही एक प्रस्ताव मैनपुरी जिले में भी लाया गया था। साथ ही 16 अगस्त को अध्यक्ष अर्चना भदौरिया की अध्यक्षता में नवगठित जिला पंचायत समिति ने एक प्रस्ताव देखा जिसमें जिले का नाम बदलकर मयंपुरी करने की मांग की गई। हालांकि, एक प्रस्ताव पारित नहीं किया जा सका, क्योंकि कुछ सदस्यों ने प्रस्ताव का अध्ययन करने के लिए समय मांगा। हालांकि मैनपुरी के एक महाविद्यालय में वरिष्ठ शिक्षक रमाशंकर सिंह कहते हैं, "मैनपुरी का नाम पहले मय ऋषि की तपोभूमि के कारण मय पुरी रखा गया था। इस भूल को योगी सरकार को सुधार करना चाहिए। सरकार को उन सभी जिलों के नाम बदलने चाहिए जिनके नाम मुगल काल के दौरान जानबूझकर बदल दिए गए।"