जर्मनी भी अब तालिबान से बातचीत के पक्ष में, एंजेला मर्केल बोलीं- अफगान की सुरक्षा के लिए जरूरी

 नई दिल्ली 
काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद से अफगानिस्तान के हालात बदलते जा रहे हैं। तालिबान ने अमेरिकी सरकार को 31 अगस्त तक अफगानिस्तान नहीं छोड़ने पर नतीजे भुगतने की धमकी दी है। इस सबके बीच जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा है कि तालिबान से बातचीत करनी चाहिए। न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट मुताबिक मर्केल ने कहा है कि यह अफगानिस्तान की सुरक्षा के लिए हितकारी है कि तालिबान के साथ बातचीत की जाए।
 
मर्केल ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अगर नाटो की तैनाती के दो दशकों के दौरान अफगानिस्तान में किए गए सुधारों की रक्षा करना चाहती है तो हमें तालिबान के साथ बातचीत जारी रखनी चाहिए। हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि पिछले 20 सालों में अफगानिस्तान के संदर्भ में जो चीज़ें हासिल की हैं, उसे हर संभव संरक्षित रखी जाए। मर्केल ने आगे कहा है, 'तालिबान का सत्ता में आने का सच कड़वा है लेकिन हमें इससे निपटना होगा। इतिहास में कई चीज़ों में लंबा वक्त लगता है। ऐसे में हमें अफगानिस्तान को नहीं भूलना चाहिए।'