केंद्रीय मंत्री राणे की गिरफ्तारी पर नड्डा ने जताई नाराजगी, बोले- ये संवैधानिक मूल्‍यों का हनन हैं 

 मुंबई
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान के आरोप में पुलिस ने राणे को गिरफ्तार कर लिया है। उनके अरेस्‍ट होने से पूर्व जमानत की अर्जी रत्नागिरि कोर्ट ने जमानत अर्जी ठुकरा दी। नारायण राणे को अब रत्नागिरि कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं राणे के अरेस्‍ट किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने नाराजगी जताई है।
महाराष्‍ट्र सरकार द्वारा केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी संवैधानिक मूल्‍यों का हनन हैं। इस तरह की कार्रवाई से ना तो हम डरेंगे और ना ही दबेंगे। भाजपा को जन-आर्शीवाद यात्रा मे मिल रहे अपार समर्थन से लोग परेशान हैं। हम लोकतांत्रिक ढंग से लड़ते रहेंगे, हमारी यात्रा जारी रहेंगी। महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा नारायण राणे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट से पता चलता है कि एमवीए सरकार डरी हुई है। यह एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता है। 

 'यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं। भाषण के दौरान वह पीछे मुड़ कर इस बारे में पूछते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता। इसके बयान के बाद शिव सैनिकों ने मंगलवार को महाराष्ट्र के 17 शहरों में उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। नासिक में बीजेपी कार्यालय पर पत्थरबाजी की गई, तो वहीं मुंबई में राणे के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे शिवसैनिकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। वहीं मंगलवार को राणे के नारायण राणे के खिलाफ 3 एफआईआर दर्ज हुई और कई पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद राणे के अरेस्‍ट होने के बाद दोनों राजनीति‍क पार्टियों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है।

FIR दर्ज होने के बाद बोले नारायण राणे, मैं आम आदमी नहीं हूं, मैंने कुछ गलत नहीं कहा नासिक पुलिस ने कहा है कि नियमों का पालन करते हुए ही आदेश जारी किया गया है। प्रदेश बीजेपी ने कहा है कि संवैधानिक प्राधिकारियों को संरक्षण देने वाले स्थायी आदेशों के मुताबिक किसी भी केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है और राज्य सरकार अपनी हदें पार कर रही है।