उज्जैन
भगवान महाकाल के आंगन में श्रावणी पूर्णिमा पर रविवार को सबसे पहले राखी मनाई जाएगी। तड़के तीन बजे भस्मारती होगी और सुबह 7.30 बजे पुजारी महाकाल को राखी बांधकर लड्डुओं का महाभोग लगाएंगे। लोकमान्यता में महाकाल उज्जैन के राजा हैं। इसलिए हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहार सबसे पहले महाकाल मंदिर में मनाए जाते हैं। श्रावणी पूर्णिमा पर रविवार को रक्षा बंधन का त्योहार भी यहीं से शुरू होगा। भस्मारती करने वाले पं. संजय पुजारी व पं. अजय पुजारी के परिवार की ओर से भगवान को लड्डुओं का महाभोग लगाया जाएगा
श्रावण मास का समापन
श्रावणी पूर्णिमा पर श्रावण मास का समापन होता है। श्रावण में पूरे माह उपवास करने वाले भक्त इस दिन लड्डू प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही पारणा (उपवास खोलते) करते है
पर्व पर शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा का दोष नहीं है, इसलिए सुबह से रात तक राखी बांध सकेंगे।
- – सुबह 7.30 से 9.00 बजे तक चंचल नसुबह 9.00 से 10.30 बजे तक लाभ
- – सुबह 10.30 से 12 बजे तक अमृत
- – सुबह 11.00 से दोपहर 12.30 बजे तक शुभ अभिजीत
- – दोपहर 1.30 से दोपहर 3.00 बजे तक शुभ
- – शाम 6.50 बजे प्रदोष काल में शुभ मुहूर्त रहेगा।
- – शाम 7.00 से 8.30 बजे तक शुभ
- – रात 8.30 से 10 बजे तक अमृत का चौघड़िया रहेगा।














