देहरादून
वन विकास निगम की सेवा नियमावली की फाइल कई साल से शासन में लटकी है। दूसरी तरफ, प्रबंधन अब उत्तर प्रदेश की नियमावली से प्रमोशन की तैयारी में है। इससे कर्मचारी नाराज हो गए हैं। उनका कहना है कि यूपी से उत्तराखंड को अलग हुए करीब 21 साल हो गए। इसलिए यूपी के नियम से प्रमोशन की बजाय उत्तराखंड की नियमावली को कैबिनेट से जल्द पास कराया जाए। दरअसल, वन निगम की अपनी सेवा नियमावली का प्रस्ताव बनकर शासन को गया है। यहां से मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट में जाना है। सूत्रों के अनुसार, वन मंत्री का अनुमोदन नहीं होने से इस नियमावली को कैबिनेट में नहीं भेजा जा सका है। इसके चलते वन निगम में कर्मचारियों, खासकर-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के प्रमोशन नहीं हो रहे हैं। इसलिए, अब प्रमोशन के लिए प्रबंधन ने यूपी की नियमावली को आधार बनाने का अनुरोध शासन से किया है। उधर, इससे नाराज कर्मचारियों का कहना है कि अविभाजित यूपी के दौर में उस समय की परिस्थितियों के हिसाब से जो प्रावधान हैं, वे अब उत्तराखंड में लागू नहीं हो सकते।














