वित्त ने हटाई बजट खर्च सीमा, बाढ़ राहत और पुनर्वास के काम तेजी से होंगे

भोपाल
प्रदेश के आठ विभाग अब मनचाही राशि खर्च कर सकेंगे। वित्त विभाग ने इन विभागों पर लगाई गई त्रैमासिक खर्च सीमा समाप्त करते हुए उन्हें खर्च की कटौती से मुक्त कर दिया है।

वित्त विभाग ने सभी विभागों की त्रैमासिक खर्च सीमा तय की है।  कुछ विभागों को विशेष व्यय सीमा में पूंजीगत व्ययों हेतु प्रावधानित बजट का 90 प्रतिशत सीमा के अंतर्गत बजट खर्च करने की छूट दी गई थी। अब पूंजीगत व्ययों के लिए शेष दस प्रतिशत कटौती राशि भी खर्च करने की अनुमति वित्त विभाग ने दे दी है।

जिन विभागों को पूरा बजट बिना किसी सीमा के खर्च करने की अनुमति दी गई है उनमें लोक निर्माण, जलसंसाधन,  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नर्मदा घाटी विकास, नगरीय विकास एवं आवास, जनजातीय कार्य,  पंचायत एवं गा्रमीण विकास, चिकित्सा  शिक्षा, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग शामिल है। संचालक बजट आइरिन सिंथिया ने इन सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को पत्र लिखकर विशेष व्यय सीमा में पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित पूरी राशि का उपयोग करने की अनुमति दे दी है।

वित्त विभाग द्वारा बजट खर्च पर लगाई गई रोक समाप्त होने के बाद अब निर्माण विभाग खुलकर राशि खर्च कर सकेंगे। प्रदेश में अतिवर्षा और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों, नहरों और भवनों में हुए नुकसान को इस कटौती के समाप्त होने के बाद तेजी से सुधारा जाना संभव हो सकेगा। प्रदेश में पुल-पुलिया, बांध, नहर और अन्य बड़े निर्माण कार्य बजट मिलने से हो सकेंगे। अकेले लोक निर्माण विभग को ही कटौती मुक्त होने पर 427 करोड़ रुपए खर्च करने का मौका मिल सकेगा। प्रदेश सरकार ने पहले वित्तीय प्रबंधन करने के लिए बजट आबंटन के साथ ही खर्च की सीमा तय करते हुए दस प्रतिशत बजट कटौती के निदे्रश दिए थे। लेकिन मौजूदा जरुरतों को देखते हुए केन्द्र से मदद मिलने में देरी होगी ऐसे में बाढ़ राहत और पुर्नवास के काम तेजी से हो सकेंगे। पेयजल आपूर्ति और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में होंने वाले कामों में भी तेजी आएगी।