दिल्ली कोर्ट ने शशि थरूर को सुनंदा पुष्कर मामले में किया आरोपों मुक्त

नई दिल्ली
कांग्रेस सांसद शशि थरूर को पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में दिल्ली की कोर्ट से राहत मिल गई है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में शशि थरूर को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. कोर्ट से राहत मिलने के बाद थरूर ने अदालत का शुक्रिया अदा किया और कहा कि 7.5 साल से इस टॉर्चर और दर्द से गुजर रहा था.

शशि थरूर पर लगे गंभीर आरोप

पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर को कि दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-498 ए (पति या उसके रिश्तेदार द्वारा अत्याचार) और धारा-306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आरोपी बनाया है। आरोप साबित होने पर मामले में 3 साल और 10 साल की सजा हो सकती है।

सुनंदा पुष्कर की मौत 17 जनवरी, 2014 को दिल्ली के एक बड़े होटल में हुई थी. अपनी मौत से कुछ दिनों पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति थरूर के एक पाकिस्तानी पत्रकार के साथ संबंध हैं. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शशि थरूर के खिलाफ धारा 307, 498 A के तहत केस दर्ज किया था. थरूर पर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने और उनके साथ क्रूरता से पेश आने का आरोप लगाया गया था. शशि थरूर को जिन धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया था, अगर उसके तहत दोष साबित हो जाता तो उन्हें 10 साल तक कैद की सजा हो सकती थी.

जहर से हुई थी मौत!

सुनंदा पुष्कर की मौत का मामला तब काफी हाईप्रोफाइल केस माना गया था. 29 सितंबर 2014 को एम्स के मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को सौंपा थी. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि सुनंदा की मौत जहर से हुई है. बोर्ड ने कहा था कि कई ऐसे रसायन हैं जो पेट में जाने या खून में मिलने के बाद जहर बन जाते हैं.