भोपाल
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में का बड़ा स्मारक पार्क बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनकी स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में घोषणा की. उन्होंने कहा कि ग्वालियर में जगह देखकर जल्द स्मारक का काम शुरू किया जाएगा. सीएम शिवराज ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को इसकी जिम्मेदारी सौंपी.
बता दें, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी की तीसरी पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प सुमन अर्पित किए. कार्यक्रम का आयोजन भोपाल के शौर्य स्मारक चौराहा के पास किया किया. उनके साथ मंत्री विश्वास सारंग, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद थे.
पुष्प अर्पित करते समय सीएम ने कहा- अटल जी के बाद विदिशा से मैंने चुनाव लड़ा था. उसके बाद अटल जी ने मेरा नाम विदिशापति रख दिया. मैं जब भी उनसे मिलता था तो वह मुझे विदिशापति ही कहते थे. एक-एक पंक्ति में अटल जी छुपा हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि अटल जी अद्भुत थे. उनके मस्तिष्क में देश की जो कल्पना थी, उसे उन्होंने प्रधानमंत्री बनकर पूरा करने की कोशिश की. हिमालय सा व्यक्तित्व था अटल जी का. राष्ट्रहित के सवाल पर कभी वो न झुके, न दबे. उनके होठों पर मुस्कुराहट तैरती रहती थी.
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वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस मौके पर कहा कि जनसंघ से लेकर बीजेपी को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने खड़ा किया है.अटल जी बोलते थे कि छोटे मन से बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता. हम सब कार्यकर्ता उनके गुणों को अपने जीवन मे उतारने का प्रयास करें. उन्होंने हमेशा सीखने के प्रेरित किया.
मध्य प्रदेश में 4 सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी ने कमर कस ली है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा बाबा महाकाल के दर्शन के साथ उपचुनाव की तैयारियों का आगाज करेंगे. तय कार्यक्रम के मुताबिक, वीडी शर्मा 16 अगस्त को उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे और फिर वहां से सीधे 4 दिन के प्रवास पर उपचुनाव वाली सीटों पर डेरा डालेंगे. इस दौरान वो स्वाबलंबी मंडल, सक्षम नगर केंद्र और सक्रिय बूथ को लेकर कार्यकर्ता पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. मध्य प्रदेश में 4 सीटों पर उपचुनाव होना है. इनमें से एक खंडवा लोकसभा की सीट है, जबकि तीन रैगांव, जोबट और पृथ्वीपुर विधानसभा की सीटें हैं. दमोह में हुए उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी के लिए यह उप चुनाव जीतना है बेहद जरूरी हो गया है.















