नई दिल्ली
आजाद भारत 562 से अधिक रियासतों में बंटा था। पहले गृहमंत्री वल्लभ भाई पटेल ने एकीकरण की जिम्मेदारी ली। हैदराबाद और जूनागढ़ ने विरोध किया तो वहां सेना भेजकर समाधान किया। वहीं, पुडुचेरी, गोवा, माहे, चंदरनगोर, कराईकल, यनम, दादरा, दमन और दीव को पुर्तगालियों व फ्रांसीसियों से आजाद कराया गया।
जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के समय आपात हालात के चलते उसे अपने संविधान व कानून की स्वायत्तता दी गई। एक देश में दो संविधान और कानूनों का यह दौर 72 साल बाद 5 अगस्त 2019 को थमा जब भारत की संसद ने अनुच्छेद 370 रद्द कर दिया।
स्कूली व्यवस्था में बुनियादी बदलाव करते हुए सरकार ने नई शिक्षा नीति 2020 पिछले वर्ष स्वीकृत की। शिक्षण संस्थानों को ज्यादा स्वायत्तता, 5+3+3+4 का पाठ्यक्रम, मातृभाषा में पढ़ाई, ज्ञान आधारित परीक्षा जैसे प्रावधान।
अर्थव्यवस्था को बाजार आधारित बनाने के लिए 1991 में उदारीकरण की नीति अपनाई। लाइसेंसराज खत्म हुआ।
1947 में देश का विभाजन हुआ तो बंगाल के एक हिस्से को पूर्वी पाकिस्तान बनाया गया। बंगाली नागरिकों ने विद्रोह किया। इसका पाकिस्तानी सेना ने अमानुषिक तरीकों से दमन किया। भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान का 93 हजार सैनिकों सहित आत्मसमर्पण और बांग्लादेश की स्थापना।
संविधान को विकसित व परिष्कृत करते हुए संसद ने अब तक 127 संशोधन किए हैं। 12 अगस्त को अन्य पिछड़े वर्ग की राज्य के अनुसार सूची बनाने का अधिकार उन्हें लौटाते हुए संसद ने 127वां संशोधन किया।















