दुर्ग
कुष्ठ रोग के समूलनाश के लिए जिले में कुष्ठ रोगियों की विशेष जांच खोज अभियान आगाज-2021 के तहत घर-घर सर्वे किया जा रहा है। कुष्ठ रोग से लड?े के लिए स्वास्थ्य विभाग धरातल पर उतारने में तेजी से जुट गया है। इसके तहत आज भिलाई व दुर्ग शहरी क्षेत्र में कुष्ठ रोगी खोज एवं नियमित निगरानी के साथ ही समुदाय में जन जागरूकता के लिए प्रचार रथ रवाना किया गया। प्रचार रथ में कुष्ठ के पहचान व लक्ष्ण के लिए माइकिंग के साथ पर्चे बांटे जा रहे हैं ताकि शरीर में किसी भी प्रकार के दाग धब्बों व चर्म रोगों की जांच व निदान के लिए नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र व मितानिनों से संपर्क कर सकें।
कुष्ठ जन जागरूकता रथ को भिलाई नगर निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. ठाकुर व जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शुक्ला के द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कुष्ठ जन जागरूकता रथ में स्लोगन अपनी जांच-सबकी जांच से मेरा शहर कुष्ठ मुक्त शहर बनाने लोगों को जागरूक किया जा रहा है। भिलाई व दुर्ग नगर निगम के विभिन्न वार्डों सहित जामुन व कुम्हारी क्षेत्र में रथ हर दिन सुबह से लेकर शाम तक बस्तियों प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. गम्भीर सिंह ठाकुर ने बताया कि आज भी समाज में अंधविश्वास के कारण कई लोग पूर्व जन्म का पाप मानते हैं। ऐसे छुपे हुए रोगी ही कुष्ठ रोग का प्रसार करते हैं, जबकि यह बीमारी एक जीवाणु (लेप्रा बेसिली) के कारण होता है। कुष्ठ रोग के कारण प्रभावित अंगों में अक्षमता एवं विकृति आ जाती है, इसलिए छुपे हुए केस को जल्दी से जल्दी खोज कर एवं जांच उपचार कर कुष्ठ रोग का प्रसार रोका जा सकता है और समाज को कुष्ठ मुक्त कर सकते हैं।
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने बताया, भिलाई शहरी क्षेत्र में कुष्ठ रोगी की खोज के लिए हाई रिस्क एरिया के स्लम बस्तियों में निवासरत 1.80 लाख परिवारों का सर्वे अभियान में 400 से अधिक शहरी मितानिन द्वारा घर-घर कार्ड बांटे गए हैं। 29 जुलाई से लेकर 13 अगस्त तक एक लाख परिवारों के प्रत्येक घर की मार्केिंग करते हुए, परिवार के मुखिया द्वारा प्रत्येक व्यक्ति की जांच कर 70 संभावित कुष्ठ मरीजों को चिन्हांकित किया गया। सप्ताहभर बाद मितानिन द्वारा कार्ड वापसी के दौरान संभावित परिवारों में से 25 नए कुष्ठ मरीजों की पहचान क्लीनिकल डाइग्?ोस स्वास्थ्य कार्यकतार्ओं व नॉन मेडिकल अस्सिटेंट (एनएमए) दल द्वारा किया गया। इस अभियान में समुदाय में रोग के संक्रमण को रोकने एवं नए कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों की पहचान के लिए परिवार के मुखिया को अभियान से जोड़ा जा रहा है। परिवार के मुखिया द्वारा ही प्रत्येक सदस्य के शरीर में दाग व धब्बों की पहचान कार्ड के माध्यम से की जा रही है। ऐसे इलाके जहां पूर्व में कुष्ठ प्रभावित रोगियों की पहचान हुई है इसके अलावा झुग्गी बस्ती व घनी आबादी में लोगों को कुष्ठ रोग के निदान व पहचान के लिए समुदाय को जागरूक भी की जाएगी।















