प्रभावितों को 48 घंटे में तात्कालिक सहायता, 7 दिन में क्षति का सर्वे करें – कलेक्टर

मुरैना
कलेक्टरबी.कार्तिकेयन ने पीएचई, वैटनरी, विद्युत, कृषि, पीडब्ल्यूडी, ईआरईएस, स्वास्थ्य और समस्त तहसीलदारों को निर्देश दिये है कि बाढ़ पीड़ितों को 48 घंटे में तात्कालिक सहायता और 7 दिन में क्षति का सर्वे करने का प्लान किया जाये। जिससे बाढ़ पीड़ित लोगों को समय पर सुविधा उपलब्ध हो सके। ये निर्देश उन्होंने सोमवार को अम्बाह, पोरसा विकासखण्ड के ग्राम मलबसई, किसरोली, वीलपुर, कुथियाना, कंचनपुरा, चकोरियन का पुरा, रडुआ पुरा, कच्चा पुरा, जोंझा, घेर और रामनगर में बाढ़ का जायजा लेते समय संबंधित विभागों के जिलाधिकारियों को दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारीरोशन कुमार सिंह, एसडीएम अम्बाहराजीव समाधिया, संबंधित विभागों के जिलाधिकारी, नायब तहसीलदार उपस्थित थे।    
    
कलेक्टर बी.कार्तिकेयन ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चंबल-क्वारी नदी में बाढ़ के कारण लोगों को कच्चे-पक्के घरों में नुकसान हुआ है, उनके क्षति का सर्वे कर प्लान अधिकारी बनायें। उन्होंने पीएचई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि दो दिवस के अंदर पेयजल स्त्रोतो के पानी का टेस्टिंग एवं क्लोरिन की गोलियां डलवाकर पानी को पीने योग्य बनायें। इसके साथ ही उन्होंने उपसंचालक पशु चिकित्सा को निर्देश दिये कि बाढ़ में लोगों का भूसा बह गया है, इसलिये बाढ़ प्रभावित गांवों में चारे की आवश्यकता को देखते हुये जनसहयोग के अलावा विभागीय योजनामद से भूसे का प्रबंध किया जावे। कलेक्टरकार्तिकेयन ने कहा कि बाढ़ के कारण गली, मोहल्ले, खरंज एवं सड़के खराब हुयी है, उनको चिन्हित करके 7 दिवस के अंदर मरम्मत कार्य पूर्ण करावें।
    
कलेक्टर ने कहा कि विद्युत मंडल के अधिकारी युद्धस्तर से पोल, तार एवं ट्रान्सफार्मर ठीक करावें। ये कार्य 7 दिवस के अंदर प्राथमिकता से होना चाहिये। उन्होंने उपसंचालक कृषि को निर्देश दिये कि जिले के समस्त विकासखण्डों में बाढ़ प्रभावित गांवों में सर्वे टीम लगायें, ये टीम 7 दिवस के अंदर फसलों की क्षति का आंकलन, मकान क्षति का आंकलन करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्हांने कहा कि तहसीलदार प्रत्येक 7 दिवस के अंदर नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।