मुरैना
प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण एवं मुरैना जिले के प्रभारी मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा है कि चंबल-क्वारी नदी में जल स्तर बढ़ने से दोनो नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे जिले के 68 गांव प्रभावित हुये है।
जिनमें 2 हजार 649 परिवार है, इनमें 13 हजार 574 जनसंख्या है। रेस्क्यू के द्वारा जिला प्रशासन ने 4 हजार 596 लोगों को देर रात्रि तक बाहर निकाला है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि 68 गांवों में जिला प्रशासन द्वारा रेस्क्यू कार्य चलाया जा रहा है। किन्तु रेस्क्यू के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाये कि जब तक बाढ़ से फसे हुये लोगों को बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक जिले में रेस्क्यू कार्य युद्धस्तर से चलता रहे। यह निर्देश उन्होंने बुधवार को देर रात्रि के समय कलेक्ट्रेट में अधिकारियों को दिये। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. योगेशपाल गुप्ता, कलेक्टर श्री बी. कार्तिकेयन, पुलिस अधीक्षक श्री ललित शाक्यवार, अपर कलेक्टर श्री नरोत्तम भार्गव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरवरिया, सीएसपी, एसडीएम, नगर निगम कमिश्नर सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, एएसएलआर और जन अभियान परिषद के अधिकारी मौजूद थे।
प्रभारी मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि जिले में एनडीआरएफ के 50, सीडीआरएफ के 23, आर्मी के 50 और डीएफओ और होमगार्ड के सदस्य रेस्क्यू कार्य में लगे हुये है। इस कार्य के लिये संबंधित एसडीएम को समन्वयक अधिकारी बनाया गया है। ये टीमें इन अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य कर रहीं है। प्रभारी मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिये, उनके लिये राशन, पानी, दवाई का पहले से इंतजाम कर लिया जाये, उन लोगों को निकालने के लिये पर्याप्त नाव रहें। प्रभारी मंत्री ने कहा कि लोग गंदा पानी न पिये, शुद्ध पानी का भी प्रबंध कराया जाये।
प्रभारी मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि जिले में जनहानि, पशुहानि और नष्ट हुई संपत्ति के आंकलन में कहीं कोई कोताई न बरतें। सर्वे कार्य में इन सभी बातों का ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा व्यक्ति छूटना नहीं चाहिये, जिसके यहां बकरी भी खत्म हुई हो, उसका भी सर्वे किया जाये। प्रभारी मंत्री ने कहा कि अभी तक सबलगढ़ के गांव बत्तोखर में 2 अगस्त को एक मकान क्षतिग्रस्त, एक व्यक्ति की मृत्यु हुयी है, पोरसा के गांव खुड़ो (उसेद) में दो भैंसे बाढ़ से मृतक पायी गई है, 4 अगस्त को मुरैना के अतरसुमा में एक बच्चे की नहाते समय डूबने से मृत्यु हुयी है। इस प्रकार की घटना घटी हो तो उनका सर्वे तत्काल कर लिया जावे और राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत राहत राशि का पत्रक तैयार किया जाये। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले में चंबल का पानी इस समय खतरे के निशान से 6 मीटर ऊपर चल रहा है। इसके ऊपर अगर पानी पहुंचता है तो और भी गांव प्रभावित हो सकते है। इसलिये ऐसे गांवों को भी सचेत कर दिया जाये। कलेक्टर श्री बी.कार्तिकेयन ने बताया कि जिले में कोतवार डेम का वर्तमान जलस्तर 167.64, पिलुआ डेम का जलस्तर 167.64, पगारा डेम का जलस्तर 197.35, गांधीसागर बांध का जलस्तर 395.25 और कोटा बैराज का जलस्तर 259.82 पाया गया है। कलेक्टर ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को बाहर निकालकर स्कूल, पंचायत भवन में शिफ्ट करा दिया गया है। पंचायत के माध्यम से स्थानीय स्तर पर भोजन का प्रबंध भी करा दिया गया है।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीम गठित कर दी गई है। ये टीम अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाईयां प्रदान कर रहीं है। जिले के अधिकतर बाढ़ प्रभावित ग्रामों का मेरे द्वारा भ्रमण कर लिया गया है। जिले में रेस्क्यू कार्य युद्धस्तर से जारी है। जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति का आंकलन किया जा रहा है, एक भी ऐसा गांव नहीं छूटेगा, जहां-जहां किसी भी तरह की हानि हुई हो, वहां सर्वे से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में कोटवार के माध्यम से मुनादी करवा दी गई है। पुलिस अधीक्षक श्री ललित शाक्यवार ने कहा कि जिले में खतरे के निशान को दृष्टिगत रखते हुये चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई है। प्रत्येक पॉइंट की प्रत्येक घटना जहां तक की जलस्तर बढ़ने की सूचना भी पुलिस के द्वारा तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम में दी जा रही है।














