भोपाल
प्रदेश के ग्वालियर चंबल में बाढ़ से हुई तबाही और नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय जल्द ही एक टीम भेजेगा जो इन इलाकों का जायजा लेंगे। इन इलाकों में अभी बाढ़ का खतरा बना हुआ है और अब मुरैना, भिंड में हालात बिगड़े हैं। सीएम चौहान आज फिर श्योपुर, मुरैना, भिंड का हवाई सर्वे कर बाढ़ का जायजा लेने जा रहे हैं। उधर राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीएम चौहान ने प्रदेश में आई बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कार्यों की जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री चौहान ने आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर चर्चा की है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बाढ़ की वर्तमान स्थिति, रेस्क्यू आॅपेरशन, राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्राथमिक तौर पर बड़े स्तर पर हुए इंफ्रास्ट्रक्चर नुकसान, फसल नुकसान, बिजली आपूर्ति एवं टेलीकॉम नेटवर्क आपूर्ति एवं अन्य बुनियादी आवश्यकताओं के संबंध में अवगत कराया है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से लगातार मिल रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि इस कठिन परिस्थिति में केंद्र सरकार मध्यप्रदेश के बाढ़ पीड़ितों के साथ है। मुख्यमंत्री चौहान ने आज गृह मंत्री अमित शाह से भी फोन पर चर्चा कर समूचे हालातों से अवगत कराया। शाह ने प्रदेश के लिए हर संभव मदद का भरोसा देते हुए केंद्र की एक एडवांस टीम क्षति आकलन के लिए मध्यप्रदेश भेजने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने केंद्र से मिल रहे सहयोग के लिए गृहमंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया है।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी मुख्यमंत्री चौहान को फोन कर मध्यप्रदेश में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली है। मुख्यमंत्री ने उपराष्ट्रपति को बताया कि मध्यप्रदेश के 5 जिले श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, भिंड और मुरैना बाढ़ प्रभावित हैं जहां सेना, बीएसएफ, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, एयरफोर्स, मध्यप्रदेश पुलिस और अन्य बचाव दल लोगो को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाने का काम निरंतर कर रहे हैं। उपराष्ट्रपति ने मध्यप्रदेश में बाढ़ पीड़ितों के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री चौहान ने आज सुबह बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र के जिला प्रशासन, चंबल- ग्वालियर रेंज के आईजी और कमिश्नर से फोन पर चर्चा की है। उन्होंने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में चल रहे रेस्क्यू आॅपरेशन और बाढ़ की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बताया गया कि शिवपुरी के करेरा काली पहाड़ी में एयर आॅपरेशन चल रहा है। देर रात काली पहाड़ी शिवपुरी में 57 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 35 लोगों को रेस्क्यू करने का काम जारी है। कोलारस तहसील के गोरा टीला शिवपुरी में फंसे 30 मजदूरों में से 15 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। भिंड में तीन स्थानों पर एयर आॅपेरशन चल रहा है।
राज्य सरकार ने आपदा नियंत्रण के लिए निर्मित परियोजनाओं के मामले मेंं डिजास्टर मेनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फण्ड का गठन किया है। इसमें पन्द्रहवें केंद्रीय वित्त आयोग की अनुशंसा अनुसार मिले 494 करोड़ रुपए रखे जाएंगे। इस फण्ड का गठन सोलह साल बाद एक्ट के प्रावधानों के तहत किया गया है। आपदा से बचाव के लिए राशि दी जा सके, इसलिये इस फण्ड का गठन किया गया है। इस फण्ड का गठन राजस्व विभाग के अंतर्गत रिलीफ कमिश्नर कार्यालय के अंतर्गत किया गया है। इसमें वित्त आयोग से स्वीकृत कुल 2470 करोड़ रुपयों में से बीस प्रतिशत राशि यानि 494 करोड़ रुपए रखे गए हैं। बाढ़ एवं सूखा जैसी आपदाओं की रोकथाम हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने जल संसाधन विभाग को 186 करोड़ 20 लाख 17 हजार रुपए की परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है।














