रायपुर
वी की सीएसआर शाखा वोडाफोन आइडिया फाउन्डेशन ने भारत में आॅनलाईन शिक्षा अभियान को समर्थन प्रदान प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ के लिए स्कॉलरशिप 2021 की घोषणा करते हुए 10 अध्यापकों को 1-1 लाख रुपये तथा 18 छात्रों को 20-20 हजार रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की। ताकि छात्रों एवं अध्यापकों को अध्ययन व अध्यापन के लिए जरूरी संसाधनों की कमी का सामना न करना पड़े। पिछले साल 200 अध्यापकों और 2500 छात्रों को स्कॉलरशिप दी थी।
कोविड-19 महामारी के चलते शिक्षा प्रणाली में जबरदस्त बदलाव आया है जिसमें पहले अध्यापक पारम्परिक तरीकों के माध्यम से नोटबुक, ब्लैकबोर्ड, चॉक आदि का इस्तेमाल करते हुए छात्रों को पढ़ाते थे। किंतु अब नए दौर की डिजिटल शिक्षा प्रणाली में रातों-रात नए बदलाव आ गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए वी ने सीएसआर स्कॉलरशिप प्रोग्राम बनाया जिसमें उन अध्यापकों और छात्रों को सहायता प्रदान करने की योजना बनाई जिन्हें ई-लर्निंग के लिए संसाधनों की आवश्यकता है ताकि डिजिटल लर्निंग को उनके लिए आसान बनाया जा सके।
इस संबंध में जानकारी देते हुए चीफ रेग्युलेटरी और कॉपोर्रेट अफेयर्स आॅफिसर पी. बालाजी ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों एवं ग्रामीण आबादी तक लर्निंग एवं शिक्षा सुविधाएं पहुंचाने के लिए हमने डिजिटल टूल्स का विकास किया है, ताकि अध्यापकों एवं छात्रों के लिए अध्ययन और अध्यापन को आसान एवं सुलभ बनाया जा सके। महामारी के दौर में हमारा स्कॉलरशिप प्रोग्राम छात्रों एवं अध्यापकों को शिक्षा के लिए टेक्नोलॉजी टूल्स में निवेश के लिए मदद कर रहा है। कुछ अध्यापकों ने इस धनराशि का उपयोग पूरे क्लासरूम के डिजिटलीकरण के लिए किया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को लाभान्वित किया जा सके। यह प्रयास शिक्षा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और लोगों को रोजगार में सक्षम बनाकर देश से गरीबी मिटाने में मदद करेगा।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से वोडाफोन आइडिया 2021 स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाले एक सहायक अध्यापक ईश्वर कुमार सिन्हा ने कहा कि चित्तूद में पिछले 12-13 सालों से सहायक अध्यापक के रूप में काम कर रहा हूं। अब तक मैं अपने खुद के वेतन से 7-8 लाख रुपये खर्च कर चुका हूं। आज के वैश्विक संकट के बीच स्कूल बंद हैं ऐसे में छात्रों एवं अभिभावकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 5 कम्प्यूटर, लैपटॉप, साउण्ड सिस्टम, एलईडी आदि की व्यवस्था की। इसके अलावा हिंदी टाइपिंग में भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निश्चित रूप से इस छात्रवृत्ति ने मुझे आत्मविश्वास और नई क्षमता दी है, आज मैं आर्थिक परेशानी के बिना छात्रों की मदद कर पा रहा हूं।
रायपुर के मंदिर हसौद से स्कॉलरशिप पाने वाले एक छात्र ने कहा वोडाफोन आइडिया स्कॉलरशिप में मेरा चयन होने पर मैं बहुत प्रसन्न हूं। बड़ा होकर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनना चाहता हूं, मेरे पिता मजदूरी कर के घर चलाते हैं, अत: घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। लेकिन इस स्कॉलरशिप से मेरी आगे की पढ़ाई में बहुत मदद मिलेगी।
















