रायपुर
महंगाई भत्ते की किश्त दिये जाने की माग को लेकर 8 अगस्त को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आव्हान छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त सहयोगी संगठनों से जुडे कर्मचारी धरना प्रर्दशन करेगे।
उत्तराखंड, राजस्थान व पंजाब सरकारों द्वारा मंहगाई भत्ता की घोषणा करने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य में मंहगाई भत्ता घोषित न होने से प्रदेश के लाखों कर्मचारी अपने आपकों छला महसूस कर रहे है। फेडरेशन ने 7 अगस्त तक मंहगाई भत्ता घोषित करने हेतु राज्य सरकार को अल्टीमेटम दिया है। यदि 7 अगस्त तक धोषणा नहीं की जाती है, तो 8 अगस्त को रायपुर राजधानी के बूढ़ातालाब में एक दिवसीय धरना देकर शासन का ध्यान आकृष्ट करने का निर्णय लिया है।
छग.कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा एवं प्रमुख प्रवक्ता विजय कुमार झा ने बताया है कि कलम रख-मसाल उठा आंदोलन के चौथे चरण में विधानसभा सत्र के दौरान आयोजित प्रदर्शन अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया गया था। अब संशोधित कार्यक्रम अनुसार रायपुर राजधानी में रविवार 8 अगस्त को एक दिवसीय धरना आंदोलन किया जावेगा। ताकि प्रदेश के शासकीय सेवको व पेंशनरों को देय 01 जुलाई 2019 से लंबित मंहगाई भत्ते की 4 किश्तें जो क्रमश: 01 जनवरी 2020, 01 जुलाई 2020 तथा 01 जनवरी 2021 को केन्द्र सरकार व तद्पश्चात अनेक राज्य सरकारों के द्वारा जारी करने के बाद भी छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। केन्द्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों में व्याप्त भेदभाव की नीति का परिणाम है कि केन्द्रीय कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता बढ़कर 17 से 28 प्रतिशत् हो गया है। जबकि छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय सेवकों व पेंशनरों को 01 जनवरी 2019 से मात्र 12 प्रतिशत मंहगाई भत्ता मिल रहा है। राज्य के कर्मचारी केन्द्रीय कर्मचारियों से 16 प्रतिशत् पीछे हो गए है। प्रदेश के कर्मचारी 01 जुलाई 2019 से 01 जनवरी 2021 तक विगत् दो वर्षो से मंहगाई भत्ता से वंचित है। इसके कारण प्रतिमाह के वेतन में 4-5 हजार रुपए आर्थिक क्षति हो रही है। जब राज्य में मंहगाई एक, बाजार एक, मूल्य एक फिर केन्द्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों में मंहगाई भत्ता भेंदभाव क्यों किया जाता है। इससे आक्रोषित कर्मचारी सरकार का ध्यान आकृष्ट करने हेतु प्रस्तावित 8 अगस्त के धरना प्रदर्शन को सफल बनाने की अपीली महामंत्री आर.के.रिछारिया, सचिव राजेश चटर्जी, संजय सिंह, बी.पी.शर्मा, पंकज पाण्डेय, ओंकार सिंह, यशवंत वर्मा, चन्द्रशेखर तिवारी, मूलचंद शर्मा, एन.एच.खॉन, बिन्देश्वर राम रौतिया, राकेश शर्मा, अश्वनी कुमार वर्मा, अश्वनी चेलक, इदरीश खॉन, अजय तिवारी, दिलीप झा, उमेश मुदलियार, मंत्रालय संचालनालय अध्यक्ष रामसागर कोसले, सत्येन्द्र देवॉगन, देवलाल भारती, प्रशांत दुबे, आर.एन.ध्रुव, शशिकांत गौतम, कुशल कौशिक, डॉ. अशोक प्रधान, संजीव सिरमौर, डॉ. बी.पी.सोनी, दिदेश रायकवार, शंकर वराठे, रंजना ठाकुर, टारजन गुप्ता, हरिमोहन सिंह, एम.एल.चन्द्राकर, गोपाल प्रसाद साहू, आदि ने की है।














