रवि दहिया और दीपक पुनिया पदक से एक जीत दूर,नीरज भी जेविल थ्रो के फाइनल राउंड में

  टोक्यो
टोक्यो ओलंपिक्स में भारतीय एथलीट्स का एक्शन जारी है। बुधवार, 4 अगस्त को ओलंपिक्स का 12वां दिन है। आज का दिन पहलवानों के लिए बहुत अच्छा रहा है। भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया और दीपक पुनिया सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। यानी ये दोनों पदक से एक कदम दूर हैं। इससे पहले सुबह-सुबह नीरज चोपड़ा ने धमाका कर दिया। स्टार जैवलिन थ्रोअर ने अपने पहले ही प्रयास में 86.65 मीटर दूर भाला फेंक दिया। (नीचे देखिए वीडियो) इस तरह वे पहले ही प्रयास में फाइनल में प्रवेश कर गए। नीरज को अब 7 अगस्त को फाइनल मुकाबला खेलना है। वहीं अन्य खेलों में स्टार बॉक्सर लवलीना बोरहोगेन और भारतीय हॉकी महिला टीम सेमीफाइनल मुकाबले में हिस्सा लेंगी। इन बेटियों जीत मिली तो मेडल पक्का मिलेगा।पढ़िए हर अपडेट

कुश्ती: कुश्ती में पदक की उम्मीद जगी है। भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया ने कोलंबिया के ऑस्कर टाइग्रेरोस को हराकर पुरुषों की फ्रीस्टाइल (57 किग्रा) के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इसके बाद चीन के पहलवान को 6-3 हराकर उन्होंने सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद भारतीय पहलवान दीपक पुनिया ने पुरुषों की फ्रीस्टाइल (86 किग्रा) में पहले नाइजीरिया के एकरेकेमे एगियोमोर को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद बुल्गारिया के पहलवान को एकतरफा मुकाबले में 14-2 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। ये भी पदक से एक जीत दूर हैं। कुश्ती में अंशु मलिक (57 किग्रा) भी अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।

जोहानस वेटर ने कहा था – मुझे हराना मुश्किल होगा

दरअसल, वेटर ने विश्व एथलेटिक्स द्वारा आयोजित मीडिया सम्मेलन में कहा था, ‘नीरज ने इस साल दो बार अच्छी दूरी तय की है. फिनलैंड में उनका भाला 86 मीटर से दूर गया. अगर वह स्वस्थ हैं और सही स्थिति में हैं, खासकर अपनी तकनीक से वह दूर तक भाला फेंक सकते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘उन्हें हालांकि मेरी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. मैं टोक्यो में 90 मीटर अधिक दूरी हासिल करने की कोशिश करूंगा, ऐसे में उनके लिए मुझे हराना मुश्किल होगा.'

वेटर और नीरज की दोस्ती अच्छी है. दोनों जब मैदान पर होते हैं तो एक दूसरे के तगड़े प्रतिद्वंद्वी होते हैं लेकिन मैदान के बाहर वो अच्छे दोस्त हैं. दोनों की मुलाकात साल 2018 में जर्मनी के  ऑफेनबर्ग में हुई थी. दोनों एक ही सेंटर पर ट्रेनिंग लेते थे.