30 साल पहले कश्मीर से विस्थापित हुए परिवारों की 12 हजार सीटें आरक्षित

भोपाल
उच्च शिक्षा विभाग ने निजी और सरकारी 1264 कॉलेजों में प्रवेश जम्मू-कश्मीर के विस्थपित और उनके आश्रितों के लिए 12 हजार सीटें आरक्षित कर दी हैं। जे&के विद्यार्थियों को पूर्व की भांति सभी प्रकार की सुविधाएं मार्गदर्शिका में दी गई हैं।

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर (जे&के) से धारा 370 और 35 ए को समाप्त कर दिया है। जहां जे&के को स्पेशल राज्स से हटाकर केंद्र शासित राज्य बना दिया है। इसमें से लद्दाख को भी नए केंद्र शासित राज्य में शामिल कर दिया है।

दोनों राज्यों में शिक्षा व्यवस्था क्या होगी, इसे लेकर नियम कानून तैयार हो रहे हैं। विभाग एक साल बाद जे&के और लद्दाख को एक ही राज्य मानकर मार्गदर्शिका में लद्दाख को पृथक से शामिल नहीं किया है। जबकि लद्दाख से कई विद्यार्थी पढ़ने के लिए मप्र और अधिकतर भोपाल में आते हैं। लद्दाख को शामिल नहीं करने से विद्यार्थियों को जेके के लिए बनाए सभी प्रकार के आरक्षण का लाभ मिलने से वंचित किया जाएगा। इसलिए विभाग ने सिर्फ जे&के के लिए एक फीसदी आरक्षण दिया है। यूजी-पीजी में विभाग के पास करीब 12 लाख सीटें हैं, जिसमें एक फीसदी होने से उनके खाते में 12 हजार सीटें आरक्षित हो गई हैं।

मार्गदर्शिका में जे&के के विद्यार्थियों को कॉलेज में अधिकतम दो सीटों पर प्रवेश देने के लिए प्राचार्य बाध्य हैं। इसमें सवाल यह है कि यदि दोनों विद्यार्थी लद्दाख के होंगे, तो उन्हें उक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। या उन्हें राज्य के विद्यार्थियों की तरह प्रवेश की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके दो विद्यार्थी जे&के और एक विद्यार्थी लद्दाख है, तो उनमें सीटों का आवंटन कैसे किया जाएगा।

यूजी में सत्यापन दो से 14 और पीजी में दो से नौ अगस्त तक होंगे। यूजी का अलॉटमेंट बीस और पीजी का अलॉटमेंट 14 अगस्त को जारी किया जाएगा। यूजी में विद्यार्थी 25 और पीजी में 19 तक प्रवेश ले सकते हैं और निरस्त भी करा सकेंगे। इसके बाद यूजी का दूसरा चरण 27 अगस्त से 14 सितंबर और पीजी का दूसरा चरण 21 अगस्त से 11 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद यूजी की सीएलसी 16 से तीस सितंबर तक और पीजी की सीएलसी 14 से तीस सितंबर तक चलेगी।