नई दिल्ली
सरकार ने बुधवार को संसद में कहा कि जम्मू-कश्मीर को वहां के हालात सामान्य होने के बाद उचित समय पर पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उनसे पूछा गया था कि क्या जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का सरकार का कोई प्रस्ताव है और क्या वहां संचार के विभिन्न माध्यमों पर करीब एक साल से जारी प्रतिबंध हटाने के लिए कुछ प्रयास किए गए हैं।
राय ने बताया कि राष्ट्रहित और जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा के हित में पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में विभाजन और वहां संवैधानिक बदलावों को देखते हुए मोबाइल सेवाओं व इंटरनेट जैसे संचार के विभिन्न चैनलों पर पाबंदिया लगाई गई थीं। ये पाबंदियां अस्थायी थीं। समय-समय पर हालात की समीक्षा की गई और धीरे-धीरे पाबंदियां हटा दी गईं। उन्होंने बताया कि पांच फरवरी से पूरे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवाएं बहाल की जा चुकी हैं। याद दिला दें कि केंद्र सरकार ने 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को समाप्त कर दिया था।
एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में राय ने बताया, '2019 के मुकाबले 2020 में राज्य में आतंकी घटनाओं में 59 फीसद की कमी आई, जबकि जून, 2021 तक इसी अवधि में पिछले साल के मुकाबले आतंकी घटनाओं में 32 फीसद की कमी दर्ज की गई है।' उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, सार्वजनिक परिवहन, सरकारी कार्यालय, शिक्षण एवं स्वास्थ्य संस्थाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं।














